म्यांमार में हथियारबंद समूहों को ट्रेनिंग देने के आरोप में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार किए गए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत दे दी। वैनडाइक इस मामले में गिरफ्तार किए गए सात विदेशी नागरिकों में से एक हैं। राउज़ एवेन्यू कोर्ट की NIA अदालत ने वैनडाइक को 1 लाख रुपये के बॉन्ड और 1 लाख रुपये की ज़मानत राशि पर ज़मानत दी। डिफ़ॉल्ट ज़मानत तब दी जाती है जब जांच एजेंसी कानूनी रूप से तय समय के भीतर अपनी चार्जशीट दाखिल करने में विफल रहती है। कोर्ट ने कहा कि रिहाई के बाद वैनडाइक को दिल्ली में ही रहना होगा और जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए जब भी NIA बुलाएगी, उन्हें पेश होना होगा।
वैनडाइक ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत की मांग करते हुए दलील दी थी कि जांच कानूनी तौर पर तय समय-सीमा के भीतर पूरी नहीं हुई थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि इसी मामले में गिरफ्तार किए गए छह यूक्रेनी नागरिकों को भी इसी तरह के आधार पर ज़मानत मिल सकती है।
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वैनडाइक के खिलाफ क्या मामला है?
NIA ने मार्च 2026 में वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को इस आरोप में गिरफ्तार किया था कि वे म्यांमार गए थे और वहां जातीय सशस्त्र समूहों को हथियारों और ड्रोन के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी थी। वैनडाइक को 13 मार्च को कोलकाता एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था, जबकि छह यूक्रेनियों — पेट्रो हर्बा, तारास स्लीवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफनकिव, मैक्सिम होंचारुक और विक्टर कामिन्स्की — को दिल्ली और लखनऊ के एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था।
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