UP NEET UG counselling 2026 : डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (DMER) ने उत्तर प्रदेश के मेडिकल व डेंटल संस्थानों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए काउंसलिंग से जुड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं।
मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करना अनिवार्य
पंजीकरण के लिए अभ्यर्थी को स्वयं का मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करना अनिवार्य है, क्योंकि काउंसलिंग से जुड़ी सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान इसी नंबर और ईमेल पर किया जाएगा
पंजीकरण शुल्क: ऑनलाइन काउंसलिंग में भाग लेने के लिए रु 2,000/- पंजीकरण शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा, जो किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।
दस्तावेज और ऑनलाइन सत्यापन
दस्तावेजों के ऑनलाइन सत्यापन के लिए पंजीकरण के समय अभ्यर्थियों को किसी एक नोडल सेंटर का चयन करना होगा
वेबसाइट पर निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
हाईस्कूल की मार्कशीट / प्रमाण-पत्र
इंटरमीडिएट की मार्कशीट
आरक्षण से संबंधित प्रमाण-पत्र , यदि लागू हो
डोमिसाइल (निवास) सर्टिफिकेट – यदि लागू हो
सिक्योरिटी डिपोजिट
च्वाइस फिलिंग (सीटों के चयन) की पात्रता के लिए सुरक्षा राशि ऑनलाइन जमा कराना अनिवार्य है
राजकीय क्षेत्र (Government) की मेडिकल/डेन्टल सीटों के लिए: रू0 30,000
निजी क्षेत्र (Private) के मेडिकल कॉलेजों की सीटों के लिए: रू0 2,00,000
निजी क्षेत्र (Private) के डेन्टल कॉलेजों की सीटों के लिए: रू0 1,00,000
राजकीय एवं निजी दोनों क्षेत्रों (मेडिकल और डेन्टल) की सीटों के लिए: रू0 2,00,000
राजकीय एवं निजी दोनों क्षेत्रों के केवल डेन्टल कॉलेजों की सीटों के लिए: रू0 1,00,000
सिक्योरिटी राशि ट्यूशन फीस में एडजस्ट नहीं की जाएगी। भुगतान के लिए अभ्यर्थी को स्वयं के बैंक खाते का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि काउंसलिंग समाप्त होने के बाद अनावंटित (जिन्हें सीट नहीं मिली) और प्रवेश ले चुके अभ्यर्थियों की सुरक्षा राशि इसी खाते में वापस की जाएगी
फ्री एग्जिट (Free Exit): पहले राउंड की काउंसलिंग में आवंटित सीट पर प्रवेश न लेने की स्थिति में ‘फ्री एग्जिट’ की सुविधा मिलेगी, यानी अभ्यर्थी की धरोहर धनराशि वापस कर दी जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी द्वितीय या तृतीय चक्र की काउंसलिंग में फिर से ले सकते हैं।
आरक्षण से संबंधित नियम
सभी आरक्षण प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप पर और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए होने चाहिए।
OBC और EWS वर्ग के अभ्यर्थियों के आरक्षण प्रमाण-पत्र 01 अप्रैल, 2026 या उसके बाद के जारी होने चाहिए।
SC/ST श्रेणी के अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे ऑनलाइन सत्यापन को सुगम बनाने के लिए अपडेटेड प्रारूप पर प्रमाण-पत्र तैयार रखें।
भारत सरकार के अधीन पदों पर नियुक्ति के प्रारूप वाला आरक्षण प्रमाण-पत्र मान्य नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश से बाहर के अन्य राज्यों के आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को अनारक्षित (General) माना जाएगा।
च्वाइस फिलिंग और प्रवेश प्रक्रिया
अभ्यर्थियों को केवल अपनी पसंद और वरीयता के आधार पर उन्हीं कॉलेजों का विकल्प भरना चाहिए जिनमें वे प्रवेश के इच्छुक हैं।
च्वाइस लॉक करना अनिवार्य है; यदि अभ्यर्थी अपनी च्वाइस लॉक नहीं करता है, तो वह स्वतः ही आवंटन प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा। लॉक करने के बाद च्वाइस में किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा।
एडमिशन
राजकीय कॉलेजों में सीट आवंटित होने पर एडमिशन प्रक्रिया सीधे आवंटित कॉलेज में पूरी होगी।
निजी कॉलेजों में सीट आवंटित होने पर प्रवेश प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नोडल सेंटर पर संपन्न कराई जाएगी।
यूपी नीट यूजी काउंसलिंग 2026
यूपी नीट यूजी काउंसलिंग 2026 उत्तर प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 85% MBBS और BDS सीटें देने के लिए एक स्टेट लेवल काउंसलिंग प्रोसेस है।
काउंसलिंग ये लोग करते हैं:
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (UP)
इसमें शामिल हैं:
सरकारी मेडिकल कॉलेज
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज
माइनॉरिटी इंस्टिट्यूशन
15% सीटें ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग से भरी जाती हैं।
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