मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) ने चालू वित्त वर्ष में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलाकर 10 लाख हरित वाहन बेचने का लक्ष्य रखा है। कंपनी को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और सीएनजी वाहनों में स्वचालित ट्रांसमिशन की शुरुआत से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हरित वाहन ऐसे पर्यावरण-अनुकूल वाहन हैं जो पारंपरिक पेट्रोल या डीजल की तुलना में बहुत कम या शून्य प्रदूषण फैलाते हैं।
कार बाजार की अग्रणी कंपनी ने अपने ‘ऑटो ग्रीन मिशन’ के तहत शुक्रवार को अपने लोकप्रिय मॉडल स्विफ्ट, डिजायर और बलेनो के स्वचालित एस-सीएनजी संस्करण पेश किए। कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने बताया कि सीएनजी श्रेणी में करीब 70 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखने वाली एमएसआईएल को पहले इस वित्त वर्ष में आठ से नौ लाख हरित वाहन बेचने की उम्मीद थी। हालांकि, नए स्वचालित ट्रांसमिशन वाले मॉडल पेश किए जाने के बाद कंपनी ने बिक्री का अनुमान बढ़ाकर 10 लाख इकाई के करीब कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सीएनजी मॉडल पहले पेट्रोल-स्वचालित वाहनों से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाते थे क्योंकि उनमें स्वचालित ट्रांसमिशन का विकल्प नहीं था। बनर्जी ने कहा कि स्विफ्ट, डिजायर और बलेनो के नए स्वचालित एस-सीएनजी मॉडल ऐसे नयी पीढ़ी के ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किए गए हैं जो समझौता नहीं करना चाहते। ये ग्राहक सीएनजी के कम परिचालन खर्च का लाभ चाहते हैं, लेकिन स्वचालित वाहन की सुविधा छोड़ना नहीं चाहते।
उन्होंने यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, ‘‘इससे सीएनजी का बाजार उस ग्राहक वर्ग तक पहुंचेगा, जिसे पहले संबोधित नहीं किया गया था।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रही कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हरित वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देंगी, बनर्जी ने कहा, ‘‘हां, इसमें कोई संदेह नहीं है। हमारा लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 10 लाख वाहनों की बिक्री का है।’’
उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी सीएनजी श्रेणी में अपनी मजबूत स्थिति के आधार पर 10 लाख वाहनों की बिक्री के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। कंपनी फिलहाल हर महीने करीब 80,000 सीएनजी वाहन बेच रही है।
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