जिन जिलों में एक से अधिक परीक्षा केंद्र थे वहां परीक्षा के बाद परंपरागत तरीके से शिक्षकों और स्टाफ के माध्यम से उत्तरपुस्तिकाओं को संकलन केंद्र तक भेजा गया है। सभी जिलों के संकलन केंद्रों से डाक विभाग ने कॉपियों को उठाकर जीआईसी प्रयागराज भेजा है।
यहां की जाएगी कॉपियों क स्कैनिंग
जिन जिलों में एक से अधिक परीक्षा केंद्र थे वहां परीक्षा के बाद परंपरागत तरीके से शिक्षकों और स्टाफ के माध्यम से उत्तरपुस्तिकाओं को संकलन केंद्र तक भेजा गया है। सभी जिलों के संकलन केंद्रों से डाक विभाग ने कॉपियों को उठाकर जीआईसी प्रयागराज भेजा है। जीआईसी प्रयागराज में सभी कॉपियों की स्कैनिंग की जाएगी। उसके बाद यहां से कॉपियां ऑनलाइन मूल्यांकन केंद्रों को भेजी जाएगी।
प्रदेश में जीआईसी प्रयागराज, मेरठ और वाराणसी में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन के बाद ऑनलाइन ही अंक चढ़ा दिए जाएंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से उत्तरपुस्तिकाएं पहुंचाने के दौरान खोने या चोरी होने की आशंका पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा शिक्षकों, कार्मिकों और सुरक्षाकर्मियों के एक से दूसरे जिले कॉपियां पहुंचाने में आने वाला खर्च में भी कमी आएगी।
कॉपियां पहुंचाने के दौरान हो चुकी हैं घटनाएं
हर साल बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र से संकलन केंद्र तक उत्तरपुस्तिकाएं पहुंचाने के दौरान घटनाएं होती रहती है। 18 मार्च 2024 को यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं जमा कराने गए एक शिक्षक की उनके साथ भेजे गए पुलिसकर्मी ने ही नशे की हालत में मुजफ्फरनगर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा शासनादेश के बावजूद इसी वर्ष बिना सुरक्षाकर्मियों के संकलन केंद्रों तक कॉपियां पहुंचाने की फोटो और वीडियो वायरल हुई थी। तमाम शिक्षक और कार्मिक ई-रिक्शा, मोटरसायकिल और स्कूटी पर कॉपी ले जाते दिखाई दिए थे।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा है कि पहली बार डाक विभाग के माध्यम से कॉपियां एक जिले के संकलन केंद्र से दूसरे जिले के मूल्यांकन केंद्र तक भेजी गई है। इस प्रयोग की रिपोर्ट भी मांगी गई है और सबकुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले साल हाईस्कूल-इंटर की मुख्य परीक्षा से इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों के हस्ताक्षर पहली बार उनके प्रवेश पत्र पर अंकित होंगे। परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए यह पहल की।। वर्तमान में चल रहे ऑनलाइन पंजीकरण के साथ परीक्षार्थियों की फोटो के साथ हस्ताक्षर भी लिए जा रहे हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान जब परीक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका और उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करेंगे तो प्रवेश पत्र पर अंकित हस्ताक्षर से उनका मिलान किया जाएगा। इस पहले से पता चल जाएगा कि कोई सॉल्वर तो परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो रहा है। उक्त परीक्षा के दौरान नकल माफिया सक्रिय हो जाते है सॉल्वरों को परीक्षा में सम्मिलित करा देते है।
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