ब्रिटेन में क्लैक्टन उपचुनाव के दौरान एक अनोखा उम्मीदवार लोगों का ध्यान खींच रहा है। काउंट बिनफेस नाम का यह उम्मीदवार चुनाव प्रचार के दौरान कूड़ेदान जैसी पोशाक पहनता है और खुद को एलियन बताता है। वह रिफॉर्म यूके के कट्टरपंथी नेता नाइजेल फराज के खिलाफ चुनाव मैदान में है।
काउंट बिनफेस का असली नाम जॉन हार्वे है। 46 वर्षीय हार्वे लेखक और कॉमेडियन हैं। वे पहले भी कई चुनावों में अलग-अलग मजाकिया नामों से उम्मीदवार रह चुके हैं। 2017 में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री थेरेसा मे के खिलाफ ‘लॉर्ड बकेटहेड’ नाम से चुनाव लड़ा था। बाद में कॉपीराइट विवाद के कारण उन्हें यह नाम छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने 2018 में ‘काउंट बिनफेस’ नाम का नया किरदार बनाया।
बोरिस जॉनसन के खिलाफ भी लड़ चुके हैं चुनाव
काउंट बिनफेस का नाम भी मजाकिया है। ‘काउंट’ राजशाही की एक उपाधि है, जबकि ‘बिन’ का मतलब कूड़ेदान होता है। यानी इसका मोटा-मोटी मतलब ‘कूड़ेदान के चेहरे वाला काउंट’ है। जॉन हार्वे 2019 में बोरिस जॉनसन के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा वे लंदन मेयर चुनाव और दूसरे उपचुनावों में भी किस्मत आजमा चुके हैं।
मजाकिया हैं चुनावी वादे
काउंट बिनफेस के चुनावी वादे भी उनके अंदाज की तरह अलग हैं। वे कहते हैं कि जीतने पर कम से कम एक सस्ता घर जरूर बनवाएंगे। उनका एक और वादा है कि वे ‘आपका टैक्स कम और बाकी सभी का टैक्स बढ़ाएंगे।’ वे मशहूर गायिका एडेल को सरकारी संपत्ति घोषित करने की बात भी मजाकिया अंदाज में कहते हैं।
क्लैक्टन सीट पर नाइजेल फराज मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालिया सर्वे में उन्हें करीब 73% वोट मिलने का अनुमान है। बड़ी पार्टियों लेबर, कंजर्वेटिव और लिबरल डेमोक्रेट ने यहां उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। काउंट बिनफेस के लिए सीट जीतना मुश्किल है। उनके लिए 5% या उससे ज्यादा वोट हासिल करना बड़ी कामयाबी होगी, क्योंकि इससे उनकी 500 पाउंड की जमानत राशि वापस मिल जाएगी। इस चुनाव में कुल 33 उम्मीदवार मैदान में हैं।
काउंट बिनफेस के अलावा ऑफिशियल मॉन्स्टर रेविंग लूनी पार्टी के तीन उम्मीदवार भी अपने मजाकिया अंदाज के लिए चर्चा में हैं। यह पार्टी 1983 में बनी थी और चुनावों में हास्य के जरिए राजनीतिक व्यवस्था की कमियों पर सवाल उठाती रही है। आपको बता दें कि कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री हैं।
ये भी पढ़ें-
चीन के पूर्व प्रधानमंत्री Zhu Rongji का निधन, अपने देश को आर्थिक शक्ति बनाने में किया था बड़ा योगदान
वायरस ने मचाया कहर! संक्रमण से 20 दिन में मर गए 1000 लोग; 4000 लोग अभी भी बीमार
function loadFacebookScript(){
!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);
}
window.addEventListener(‘load’, (event) => {
setTimeout(function(){
loadFacebookScript();
}, 7000);
});
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.