जादूगोड़ा (झारखंड), पांच अक्टूबर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) भारत की परमाणु ऊर्जा विस्तार योजना में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में काम कर रहा है। झारखंड के जादूगोड़ा में यूसीआईएल की 75वीं वर्षगांठ के समारोह में परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य-वित्त सीमा जैन ने कहा कि यह अवसर यूरेनियम के खनन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में कंपनी की छह दशक की यात्रा तथा देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में उसके योगदान को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत परमाणु ऊर्जा की विस्तारित भूमिका की ओर देख रहा है और ऐसे में यूसीआईएल का योगदान देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका में होगा।’’
जैन ने भारत में यूरेनियम खनन और प्रसंस्करण की क्षमताओं की नींव रखने वाले होमी जहांगीर भाभा और अन्य अग्रदूतों को भी याद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘दशकों में यूसीआईएल के कर्मचारियों की कई पीढ़ियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हुए राष्ट्रीय प्रयास को जारी रखने के लिए समर्पण और दृढ़ता का परिचय दिया है।’’
जैन ने जादूगोड़ा स्थित कंपनी की अनुसंधान एवं विकास इकाई में प्रौद्योगिकी प्रायोगिक संयंत्र का भी दौरा किया। परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अजित कुमार मोहंती ने कहा कि यह उपलब्धि इस बात को फिर से रेखांकित करती है कि भारत के परमाणु ऊर्जा मिशन को आगे बढ़ाने में नवाचार और क्षमता निर्माण महत्वपूर्ण हैं। यूसीआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक काचम आनंद राव ने कहा कि कंपनी ने छह दशक में यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशेषज्ञता और बुनियादी ढांचा तैयार किया है।
साथ ही प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को मजबूत किया है।
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