रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 72 घंटे तक हमले रोकने का आदेश दिया है। क्रेमलिन ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। पुतिन का यह आदेश ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए मॉस्को पहुंचे हैं। दोनों रुकी हुई शांति वार्ता को फिर शुरू कराने की कोशिश करेंगे। यूक्रेन पहले ही दोनों के दौरे की जानकारी दे चुका है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिकी दूतों के यूक्रेन दौरे के दौरान उनकी सेना हवाई हमले रोक देगी। उन्होंने रूस से भी ऐसा ही करने को कहा था। ईरान जंग की वजह से अमेरिका का यूक्रेन पर फोकस हटा अमेरिका लंबे समय से रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिश में जुटा है। हालांकि, पिछले छह महीनों में इन कोशिशों की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। इसकी एक वजह अमेरिका का ईरान युद्ध पर ज्यादा फोकस करना भी बताई गई है। विटकॉफ और कुशनर इससे पहले जनवरी में मॉस्को पहुंचे थे। तब दोनों ने क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की थी। अब एक बार फिर दोनों के मॉस्को पहुंचने पर रूसी दूत किरिल दिमित्रीव ने उनका स्वागत किया। CIA चीफ की मॉस्को यात्रा के बाद अब विटकॉफ-कुशनर पहुंचे विटकॉफ और कुशनर की मॉस्को यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ ने 25 अगस्त को रूस का दौरा किया था। इस मुलाकात में क्या बातचीत हुई, इस पर अमेरिका और रूस दोनों ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया। ट्रम्प ने पिछले हफ्ते इस बैठक को सामान्य तरह की बैठक बताया था। रूस ने हाल में कीव पर हमले बढ़ाए रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता अभी किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। इस बीच, कीव समेत यूक्रेन के कई शहरों पर रूसी हवाई हमले तेज हुए हैं। यूक्रेन भी रूस के अंदर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। शुक्रवार को एक रूसी ड्रोन ने कीव में यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU के मुख्यालय को निशाना बनाया। SBU रूस के अंदर किए जाने वाले यूक्रेन के कई लंबी दूरी के हमलों में भी भूमिका निभाती है। उधर, यूक्रेन रूस के सैन्य ठिकानों के अलावा तेल रिफाइनरियों और ई-कॉमर्स केंद्रों को भी निशाना बना रहा है। यूक्रेन का कहना है कि इन हमलों का मकसद रूस की युद्ध क्षमता और उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है। शनिवार को जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने रात में कीव और बोरिस्पिल एयरपोर्ट पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि ये हमले उस वक्त हुए, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के यूक्रेन पहुंचने की तैयारी चल रही थी। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने रूस के इन हमलों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस का हवाई क्षेत्र अब ड्रोन और मिसाइलों की वजह से खतरनाक हो चुका है। हालांकि, अमेरिकी दूतों की शांति कोशिशों के लिए यूक्रेन की तरफ से कोई खतरा नहीं है। 3 घंटे हमले रोकने का आदेश कितना असरदार होगा? पुतिन का 72 घंटे तक कीव पर हमले रोकने का आदेश अमेरिकी दूतों की मॉस्को और फिर कीव यात्रा के दौरान बातचीत के लिए कुछ समय जरूर दे सकता है। हालांकि, इसे रूस-यूक्रेन के बीच पूरा युद्धविराम नहीं माना जा सकता। यह आदेश सिर्फ कीव पर रूसी हमले रोकने तक सीमित है। दूसरे इलाकों में दोनों देशों के बीच लड़ाई जारी रह सकती है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन 72 घंटों में शांति वार्ता को आगे बढ़ाने पर कोई सहमति बन पाएगी, या समय खत्म होते ही रूस फिर हमले शुरू कर देगा। इसलिए अब सबकी नजर विटकॉफ और कुशनर की मॉस्को-कीव यात्रा पर है। अगर दोनों पक्ष किसी अहम मुद्दे पर सहमत होते हैं, तो यह 72 घंटे की रोक आगे की बातचीत का रास्ता खोल सकती है। लेकिन फिलहाल इसे युद्ध खत्म होने की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… एस्टोनिया के रक्षामंत्री ने इस्तीफा दिया:यूक्रेन को समय पर तोप के गोले नहीं दे पाए; कॉन्ट्रैक्ट में भारतीय कंपनी शामिल, अनुभव नहीं होने का आरोप
एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह यूक्रेन के लिए की गई करीब 768 करोड़ रुपए की एक डील है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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