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ट्रंप का QUAD को नज़रअंदाज़ करना
अगस्त 2025 में, राष्ट्रपति ट्रंप नई दिल्ली में होने वाले QUAD समिट में शामिल होने के लिए भारत आने वाले थे। लेकिन, ट्रंप ने भारत पर जो 50 प्रतिशत टैरिफ दर लगाने की घोषणा की, उससे दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया। इसके अलावा, मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव हुआ था, जो ट्रंप के मुताबिक उनकी वजह से ही पूर्ण युद्ध में नहीं बदला। जहां पाकिस्तान ने भारत के साथ संघर्ष-विराम (सीजफायर) कराने में ट्रंप की भूमिका की खुलकर तारीफ़ की है, वहीं नई दिल्ली का कहना है कि इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। संघर्ष-विराम में वॉशिंगटन की भूमिका पर भारत के बयान और पीएम मोदी के रुख से ट्रंप नाराज़ हो गए थे, जिसके बाद उनका QUAD समिट का दौरा रद्द कर दिया गया। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की 2025 की एक रिपोर्ट, जिसका शीर्षक ‘नोबेल पुरस्कार और एक तनावपूर्ण फ़ोन कॉल: कैसे ट्रंप-मोदी के रिश्ते बिगड़े’ था, के अनुसार ट्रंप ने कई वजहों से भारत का दौरा रद्द कर दिया था। लेकिन इनमें सबसे अहम वजह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पाकिस्तान के साथ संघर्ष-विराम से जुड़ी थी; ये सभी अमेरिकी राष्ट्रपति की नोबेल शांति पुरस्कार पाने की कोशिश का हिस्सा थे।
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भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव की क्या वजह थी?
इसकी शुरुआत भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फायर (युद्धविराम) से हुई, जिसके रुकने का श्रेय ट्रंप ने खुद को दिया। केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया या पुष्टि न होने के बाद, संबंधों को तब और झटका लगा जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अप्रैल 2025 में ‘लिबरेशन डे’ (मुक्ति दिवस) पहल की घोषणा की और भारत पर 25% का शुल्क (लेवी) लगा दिया, साथ ही उसे टैरिफ का महाराजा भी कहा। रूस से तेल खरीदने और नई दिल्ली पर यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया गया। इस तरह भारत पर कुल शुल्क बढ़कर 50% हो गया, जिससे वह ब्राज़ील और चीन के साथ उन देशों की सूची में शामिल हो गया जिन पर सबसे ज़्यादा शुल्क लगाया गया था।
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