अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के कई देशों की तरह भारत में भी महसूस किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर एलपीजी सिलेंडर की कीमत और उपलब्धता पर भी पड़ता है. ऐसे में कई लोग यह सोचने लगे हैं कि रोजाना खाना बनाने के लिए एलपीजी बेहतर है या फिर इंडक्शन कुकिंग ज्यादा सस्ती पड़ सकती है.
अगर खर्च की बात करें, तो इंडक्शन कुकिंग कई मामलों में एलपीजी से सस्ती पड़ सकती है. द हिंदू में छपी रिपोर्ट के अनुसार, गैस चूल्हे पर खाना बनाते समय काफी गर्मी आसपास की हवा में चली जाती है. माना जाता है कि गैस से निकलने वाली लगभग 60 प्रतिशत गर्मी बेकार हो जाती है और सिर्फ करीब 40 प्रतिशत ही खाना पकाने में इस्तेमाल होती है. फिलहाल दिल्ली जैसे शहरों में बिना सब्सिडी वाला 14.2 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर करीब 900 रुपये से ज्यादा का पड़ता है. ऐसे में कई बार सिलेंडर जल्दी खत्म भी हो जाता है और खर्च बढ़ जाता है.
वहीं इंडक्शन चूल्हा बिजली से चलता है और इसमें गर्मी सीधे बर्तन के अंदर पैदा होती है. इसलिए इसमें ऊर्जा की बर्बादी बहुत कम होती है. इंडक्शन कुकिंग की दक्षता करीब 90 प्रतिशत तक मानी जाती है. अनुमान के मुताबिक, एक एलपीजी सिलेंडर जितनी उपयोगी गर्मी पाने के लिए इंडक्शन को लगभग 78 यूनिट बिजली की जरूरत पड़ती है. अगर बिजली का औसत रेट 8 रुपये प्रति यूनिट माना जाए, तो कुल खर्च करीब 620 से 630 रुपये के आसपास आता है. इस हिसाब से हर महीने लगभग 250 से 300 रुपये तक की बचत हो सकती है. हालांकि अगर बिजली की खपत ज्यादा बढ़ जाए, तो कुछ घरों का बिल महंगे स्लैब में जा सकता है.
इंडक्शन कुकिंग अपनाने के लिए शुरुआत में थोड़ा खर्च जरूर करना पड़ता है. इंडक्शन कुकटॉप की कीमत आमतौर पर 2000 से 4000 रुपये के बीच होती है. इसके अलावा इसमें इस्तेमाल होने वाले बर्तन भी खास तरह के होने चाहिए, जैसे फ्लैट बॉटम वाले स्टेनलेस स्टील या कास्ट आयरन के बर्तन. अगर घर में ऐसे बर्तन नहीं हैं, तो उन्हें खरीदने में भी थोड़ा पैसा लग सकता है. लेकिन आमतौर पर लोग एक साल के अंदर ही इस शुरुआती खर्च की भरपाई कर लेते हैं, क्योंकि रोजमर्रा में खर्च कम हो जाता है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें
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