व्रत के खाने में नया ट्विस्ट
-नवरात्रि के दिनों में लोग सात्विक और हल्का भोजन करना पसंद करते हैं, लेकिन अक्सर मेन्यू सीमित हो जाता है. ऐसे में कुछ नया मिल जाए तो उत्साह बढ़ जाता है.
-वृत्ता साहनी की यह साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड रेसिपी उसी जरूरत को पूरा करती है. यह एक तरह से पारंपरिक फलाहार का ही आधुनिक रूप है. इसमें साबूदाना, दूध, ड्राई फ्रूट्स और ताजे फलों का संतुलित मिश्रण होता है, जिससे स्वाद भी मिलता है और शरीर को जरूरी पोषण भी.
-कई लोग व्रत के दौरान ज्यादा चीनी खाने से बचना चाहते हैं. इस रेसिपी में मिठास के लिए खजूर का इस्तेमाल किया गया है, जो प्राकृतिक स्वीटनर की तरह काम करता है. खजूर में आयरन, फाइबर और मिनरल्स भी होते हैं, इसलिए यह हेल्दी विकल्प माना जाता है.
कस्टर्ड का बेस ऐसे तैयार करें
मेवे और मखाने बनेंगे असली कस्टर्ड
-इस रेसिपी में बाजार के कस्टर्ड पाउडर की जरूरत नहीं पड़ती. कस्टर्ड का बेस पूरी तरह से मेवों और मखानों से तैयार किया जाता है.
-इसके लिए करीब 1 कप भुने हुए मखाने, आधा कप बादाम, 10 काजू, थोड़ा केसर और इलायची पाउडर लिया जाता है. मिठास के लिए 12-15 खजूर भी साथ में रख लें.
-ये सभी चीजें न केवल स्वाद बढ़ाती हैं बल्कि शरीर को ऊर्जा भी देती हैं. खासकर व्रत के दिनों में जब दिनभर हल्का खाना होता है, तब ऐसे पोषक तत्व बहुत काम आते हैं.
नेचुरल स्वीटनर का कमाल
दूध में भिगोकर बनाएं स्मूद पेस्ट
-सबसे पहले एक बाउल में बादाम, काजू, मखाने, खजूर, केसर और इलायची डालें. अब इसमें एक कप गर्म दूध डालकर करीब 30 मिनट के लिए छोड़ दें.
-गर्म दूध में भिगोने से खजूर मुलायम हो जाते हैं और मेवे फूल जाते हैं. इसके बाद इन्हें मिक्सर में पीसने पर एक गाढ़ा और क्रीमी पेस्ट बनता है.
-इस पेस्ट में खजूर की हल्की मिठास और केसर की खुशबू मिलकर कस्टर्ड को बिल्कुल अलग स्वाद देती है. यही मिश्रण पूरे कस्टर्ड का आधार बनता है.
साबूदाना और दूध का सही कॉम्बिनेशन
-अब एक बर्तन में लगभग 2 कप दूध हल्का गर्म करें. इसमें तैयार किया हुआ मेवों का पेस्ट डालकर धीमी आंच पर चलाते रहें.
-इसके बाद इसमें पहले से स्टीम किया हुआ साबूदाना डाल दें. साबूदाना को पहले पकाने से उसका टेक्सचर मोतियों जैसा पारदर्शी हो जाता है, जो कस्टर्ड में देखने में भी अच्छा लगता है.
-धीरे-धीरे चलाते हुए इस मिश्रण को थोड़ा गाढ़ा होने दें. कुछ ही मिनटों में कस्टर्ड जैसा टेक्सचर तैयार हो जाएगा.
ताजे फलों से बढ़ेगा स्वाद
फलाहार को बना दें और भी हेल्दी
जब कस्टर्ड थोड़ा ठंडा हो जाए, तब इसमें कटे हुए ताजे फल डालें. इसमें आम, केला, अनार, काले और हरे अंगूर जैसे फल अच्छे लगते हैं. फल न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी देते हैं. व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेशन और ऊर्जा दोनों की जरूरत होती है, इसलिए फल मिलाने से यह डिश और संतुलित हो जाती है.
सर्व करने का सही तरीका
तैयार साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड को 1-2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. ठंडा होने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. परोसते समय ऊपर से कटे हुए पिस्ता या गुलाब की पंखुड़ियां डाल सकते हैं. इससे डिश का लुक भी आकर्षक लगता है और हल्की सी खुशबू भी आती है. यह कस्टर्ड न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि मखाने, दूध और ड्राई फ्रूट्स की वजह से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है. इसलिए व्रत में इसे एक हेल्दी और एनर्जेटिक विकल्प माना जा सकता है.
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