कार्बोहाइड्रेट या कार्ब्स का नाम सुनते ही लोग इसको सबसे पहले अपनी डाइट से बाहर कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर कार्ब एक जैसा नहीं होता है। बता दें कि कार्ब्स को दो कैटेगिरी में बांटा गया है, रिफाइंड और कॉम्प्लैक्स। लेकिन इन दोनों के बीच के अंतर का पता होने से आपको वेट ल़ॉस, एनर्जी बढ़ाने और स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अपनी डाइट से रिफाइंड कार्ब्स को बाहर करने के कई सिंपल तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं।
ये चीजें कार्ब्स को बनाती हैं रिफाइन
अधिकतर प्रोसेस्ड फूड सिंपल या रिफाइंड कार्ब्स की कैटेगिरी में आती हैं।
जिन फूड्स में फाइबर न की मात्रा में होती है।
यह कार्ब्स आसानी से पच जाते हैं, जिससे फौरन ही भूख लगने लगती है।
प्रीजरेवेटिव युक्त पैकेटबंद फूड या एडेड शुगर भी सिंपल कार्ब्स माने जाते हैं।
यह ब्लड शुगर को अचानक से बढ़ाते हैं।
रिफाइंड कार्ब्स वाले फूड्स
व्हाइट राइस
पेस्ट्री
पास्ता
सोडा
कैंडी
ऐसे कम करें रिफाइंड कार्ब
सुबह के नाश्ते से शुगरी सीरियल्स हटाकर घर का बना फ्रेश फूड खाना चाहिए। आप सुबह के नाश्ते में अंडे या फल को शामिल कर सकते हैं।
ब्रेड या पास्ता जैसे सिंपल कार्ब लेने की बजाय किनुआ, ब्राउन राइस या रागी जैसे होल ग्रेन से बनी चीजों को खाना चाहिए। ऐसी चीजों को शामिल करें, जिनको तैयार करने में कम प्रोसेसिंग हो।
रिफाइंड कार्ब्स वाली चीजों की बजाय सब्जियां और ताजे फलों को डाइट में शामिल करें। पैकेटबंद स्नैक्स की जगह रोस्टेड शकरकंद या सेब आदि का सेवन करना चाहिए।
कार्ब्स के साथ हमेशा प्रोटीन लेना चाहिए। इससे खाना धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है।
ये मिलते हैं फायदे
ब्लड शुगर का सही लेवल बनाए रखने में मदद मिलती है।
एनर्जी का लेवल स्थिर रहता है और आपको बार-बार भूख नहीं लगती है।
पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं।
हार्ट हेल्थ बेहतर होती है।
वेट कंट्रोल होता है।
किन लोगों को लेनी चाहिए सलाह
प्रेग्नेंट महिलाओं को।
डायबिटीज या किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों को।
कोई मेहनत का खेल खेलते हैं या एथलीट वाले लोगों को।
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