क्या आप बालों को परफेक्ट लुक देने के लिए घंटों आईने के सामने बिताते हैं? अगर हां, तो अब राहत की सांस लीजिए। फैशन की दुनिया का नया और सबसे हॉट ट्रेंड आपसे सिर्फ एक ही चीज की मांग कर रहा है…’कम से कम मेहनत’। बिल्कुल, अगर इस सीजन में खुद को ‘ट्रेंड’ में रखना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने बालों में कंघी करना बंद कर दीजिए। प्राडा, सिमोन रोचा और कोच जैसे बड़े फैशन हाउस ने हाल ही में अपने मॉडल्स को बिखरे व उलझे बालों के साथ रैंप पर उतारा। इस अनोखे अंदाज ने फैशन एक्सपर्ट को चौंका दिया और चर्चा छेड़ दी। प्राडा के शो की बेजान पोनीटेल का वीडियो टिकटॉक पर वायरल हुआ, जहां यूजर्स ने मजाकिया टिप्पणी की- ‘चलो, आखिरकार कोई ऐसा फैशन आया जिसे आम इंसान भी आसानी से अपना सकता है।’ यह ट्रेंड सादगी को नया स्टाइल बना रहा है। सोशल मीडिया पर इस लुक को मजाक में ‘डिप्रेशन हेयर’ कहा जा रहा है, पर यह ट्रेंड अचानक नहीं आया। इसकी नींव पहले से रखी जा रही थी। 2024 में पॉप स्टार चार्ली एक्ससीएक्स के ‘ब्रैट समर’ लुक में जंगली, उलझे बाल अहम थे। इसके बाद ‘मेट गाला’ में रैचेल जेगलर और ग्वेंडोलिन क्रिस्टी जैसी अभिनेत्रियां बिना कंघी किए बालों के साथ रेड कार्पेट पर दिखीं। अब लगता है कि फैशन इंडस्ट्री ने इस ‘नो-ब्रश’ स्टाइल को पूरी तरह अपना लिया है। ‘कोलीना स्ट्राडा’ के फॉल 2026 कलेक्शन में हिलेरी टेमूर और मुस्तफा यानाज ने मॉडल्स को अनोखे हेयरस्टाइल दिए। हिलेरी मानती हैं कि जब कपड़े बहुत तड़क-भड़क वाले हों, तो बिना संवरे बाल पूरे लुक को संतुलित और शांत बना देते हैं। हवा से बिखरी हुई पोनीटेल स्टाइल करने वाले पालाऊ कहते हैं,‘अगर आपने लाखों रुपए का कश्मीरी स्वेटर पहना है, आप चाहते हैं कि लोगों को यह पता चले, पर सहजता से…। बिखरे हुए बाल यही काम करते हैं। वह फैशन आइकन कैरोलिन बेसेट कैनेडी का उदाहरण देते हैं कि वह उलझे बालों के लिए मशहूर थीं। वह जानबूझकर कंघी नहीं करती थीं। उनके बिखरे लुक से आत्मविश्वास झलकता था, जिसने फैशन जगत में उन्हें खास पहचान दिलाई। बिखरे हैं तो बेहतरीन हैं, 90 के दशक के ट्रेंड की वापसी चर्चित हेयरस्टाइलिस्ट गुइडो पालाऊ कहते हैं, दिखावे की इस दुनिया में जरूरत से ज्यादा कोशिश करना हमेशा से ही ‘अनकूल’ माना जाता रहा है। 90 के दशक का मशहूर ‘ग्रंज एरा’ भी इसी विचारधारा पर टिका था, जहां बिना धुले बाल और फटे हुए कपड़े, चमचमाती हुई परफेक्ट फैशन दुनिया के खिलाफ एक बगावत थे। आज का यह ‘जस्ट-रोल्ड-आउट-ऑफ-बेड’ (अभी-अभी सोकर उठे) वाला लुक भी सोशल मीडिया के भारी-भरकम फिल्टर्स, ब्लो-ड्रायर्स और खुद को हर वक्त परफेक्ट दिखाने की सनक (लुक्समैक्सिंग) के खिलाफ बड़ा बदलाव है।
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