नोहकालिकाई नाम के पीछे एक अत्यंत मार्मिक लोककथा प्रचलित है। कहा जाता है कि ‘लिकाई’ नामक एक महिला अपने पति की मृत्यु के बाद अपनी बेटी के साथ रहती थी। बाद में उसने दूसरा विवाह किया, लेकिन उसका नया पति बच्ची से ईर्ष्या करता था। एक दिन उसने क्रूरता में बच्ची की हत्या कर दी। जब लिकाई को इस भयावह घटना का पता चला, तो दुःख से व्याकुल होकर उसने इस ऊँची चट्टान से छलांग लगा दी। खासी भाषा में “नोह का लिकाई” का अर्थ है “लिकाई की छलांग।” इसी घटना की स्मृति में इस जलप्रपात का नाम नोहकालिकाई पड़ा।
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यह जलप्रपात वर्षा ऋतु में अपने पूरे सौंदर्य पर होता है। चेरापूंजी विश्व के सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में गिना जाता है, इसलिए मानसून के दौरान यहाँ का दृश्य अत्यंत मनोरम दिखाई देता है। झरने के नीचे बना नीले-हरे रंग का जलकुंड इसकी सुंदरता को और भी आकर्षक बना देता है। सर्दियों में पानी का प्रवाह अपेक्षाकृत कम हो जाता है, लेकिन साफ मौसम के कारण दूर-दूर तक फैली घाटियों का दृश्य स्पष्ट दिखाई देता है।
पर्यटकों के लिए यहाँ एक व्यू पॉइंट बनाया गया है, जहाँ से पूरे जलप्रपात का अद्भुत दृश्य देखा जा सकता है। सुबह और शाम के समय बादलों के बीच से गिरता पानी किसी चित्रकला जैसा प्रतीत होता है। फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। प्रकृति प्रेमी यहाँ घंटों बैठकर शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं।
नोहकालिकाई जलप्रपात के आसपास भी अनेक दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है Mawsmai Cave। यह प्राकृतिक गुफा अपनी चूना-पत्थर की संरचनाओं और रहस्यमयी वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त Seven Sisters Falls भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है, जहाँ सात धाराओं में गिरता जल अत्यंत सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है।
इसके अलावा Dainthlen Falls और प्रसिद्ध Double Decker Living Root Bridge भी आसपास घूमने योग्य स्थान हैं। जीवित जड़ों से बना यह पुल मेघालय की पारंपरिक इंजीनियरिंग और प्रकृति के अद्भुत मेल का उदाहरण है। साहसिक यात्रा पसंद करने वाले पर्यटक ट्रेकिंग के माध्यम से यहाँ पहुँचते हैं और अनोखा अनुभव प्राप्त करते हैं।
नोहकालिकाई जलप्रपात तक पहुँचने के लिए सबसे निकट का बड़ा शहर Shillong है, जो लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है। शिलांग से सड़क मार्ग द्वारा टैक्सी या बस के माध्यम से आसानी से चेरापूंजी पहुँचा जा सकता है। गुवाहाटी से भी सड़क मार्ग द्वारा मेघालय की यह यात्रा बेहद मनोरम होती है।
कहा जा सकता है कि नोहकालिकाई जलप्रपात केवल एक प्राकृतिक स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, लोककथा और शांति का अद्भुत संगम है। यहाँ की हरियाली, बादलों का स्पर्श और गिरते जल की ध्वनि पर्यटकों के मन में अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ जाती हैं। जो भी व्यक्ति प्रकृति के वास्तविक सौंदर्य को निहारना चाहता है, उसके लिए नोहकालिकाई जलप्रपात एक आदर्श पर्यटन स्थल है।
-प्रीटी
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