इस बार का फीफा वर्ल्ड कप सिर्फ एक खेल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ऐसा आर्थिक महाकुंभ है, जो पेरिस ओलिंपिक से करीब चार गुना बड़ा है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की लगभग तीन-चौथाई आबादी यानी करीब 600 करोड़ लोग लोग इस आयोजन से जुड़ेंगे। 39 दिन तक चलने वाले इतने बड़े आयोजन को लेकर दुनिया भर के ब्रांड्स पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर की कंपनियां इस वर्ल्ड कप में विज्ञापनों पर लगभग 99 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही हैं। फीफा और विश्व व्यापार संगठन की स्टडी के अनुसार, यह वर्ल्ड कप वैश्विक इकोनॉमी में करीब 3 लाख 86 हजार करोड़ रुपए का योगदान देगा और दुनियाभर में आठ लाख से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा अमेरिका की अर्थव्यवस्था को होगा, जहां सिर्फ होटल, रेस्टोरेंट और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स में ही करीब 41 हजार करोड़ रुपए की बंपर कमाई होगी, जबकि कुल फायदा 1 लाख 62 करोड़ तक होगा। विज्ञापनों की कीमत आसमान छू रही है। वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान अपना विज्ञापन दिखाने के लिए कंपनियों को लगभग 236 करोड़ रुपए तक की भारी-भरकम रकम चुकानी पड़ रही है। टीवी ब्रॉडकास्टर्स भी शुरुआती विज्ञापनों के लिए करीब 47 करोड़ रुपए का न्यूनतम पैकेज दे रहे हैं। फीफा को ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप और टिकटों की बिक्री से करीब 84 हजार करोड़ रुपए की कमाई होने की उम्मीद है, जो 2022 के कतर वर्ल्ड कप (करीब 71 हजार करोड़) के मुकाबले काफी ज्यादा है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि टूर्नामेंट शुरू होने से बहुत पहले ही सभी 16 ग्लोबल स्पॉन्सरशिप डील बिक चुकी थीं। एडिडास, कोका-कोला और पहली बार टेक पार्टनर के रूप में जुड़ी लेनोवो जैसी दिग्गज कंपनियां टॉप स्पॉन्सर बनने के लिए 1400 से 1900 करोड़ रुपए तक खर्च कर रही हैं। इतना पैसा खर्च, क्योंकि एक फोटो से पूरी दुनिया में चमक सकता है ब्रांड लेनोवो के एक अधिकारी ने बताया कि 2022 के वर्ल्ड कप फाइनल में जब अर्जेंटीना ने विनिंग पेनल्टी मारी थी, तो गोल के ठीक पीछे स्क्रीन पर वीजा (Visa) का लोगो चमक रहा था और जीत की वह तस्वीर अगले दिन दुनिया के हर अखबार के पहले पन्ने पर छपी थी। आज के दौर में, जब दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचना बेहद मुश्किल है, तब फीफा वर्ल्ड कप ब्रांड्स को दुनियाभर के अरबों लोगों के बीच अपनी अमिट पहचान बनाने का ऐसा सुनहरा मौका देता है, जिसकी कीमत किसी भी रकम से कहीं ज्यादा है।
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