दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल का होंगडे इलाका कैफे के घने जंगलों के लिए मशहूर है। लेकिन इन दिनों यहां की हवाओं में सिर्फ कॉफी की महक नहीं, बल्कि अरबों डॉलर की के-पॉप इंडस्ट्री की आर्थिक ताकत भी तैर रही है। यहां हर कुछ कदमों पर कैफे के बाहर किसी न किसी खूबसूरत स्टार के बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर्स दिख जाएंगे। मोबाइल थामे युवाओं की भारी भीड़ इन दुकानों के चक्कर काट रही है। यह दक्षिण कोरिया का तेजी से बढ़ता ‘बर्थडे कैफे’ कल्चर है, जो अब एक बेहद सफल और संगठित बिजनेस मॉडल का रूप ले चुका है। बर्थडे कैफे का पूरा ढांचा ‘फैन-क्रिएटेड और फैन-फंडेड’ इकोनॉमी पर टिका है। स्टार्स के जन्मदिन से महीनों पहले, फैन क्लब खुद आपस में पैसे जुटाते हैं और इवेंट प्लानर की भूमिका में आ जाते हैं। वे कैफे मालिकों से संपर्क कर कुछ दिनों के लिए पूरा कैफे किराए पर लेते हैं या उनके साथ पार्टनरशिप करते हैं। इसके बाद कैफे को पूरी तरह उस स्टार की तस्वीरों, गुब्बारों और थीम आधारित मर्चेंडाइज से सजा दिया जाता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक कैफे मालिकों के लिए यह ‘जीरो-इन्वेस्टमेंट और हाई-प्रॉफिट’ यानी शून्य निवेश और तगड़े मुनाफे का सौदा है। सजावट और मर्चेंडाइज का पूरा खर्च फैंस उठाते हैं, जबकि कैफे मालिक सिर्फ कॉफी और डेजर्ट बेचते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में इन इवेंट्स के दौरान कैफे की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। ‘कैफे ईयू’की मालकिन यू जी-ह्ये बताती हैं कि पीक सीजन में यहां पैर रखने की जगह नहीं होती। ग्राहक आकर्षित करने के लिए एक अनोखा मार्केटिंग टूल ‘कप स्लीव्स’ और “फोटो कार्ड्स’ अपनाया जाता है। जब कोई फैन ड्रिंक खरीदता है, तो उसे स्टार की तस्वीर वाला कस्टमाइज्ड कप होल्डर और स्टिकर्स मुफ्त मिलते हैं। इस बिजनेस मॉडल की सफलता को देखते हुए अब इसका दायरा के-पॉप से बाहर निकलकर कोरियन एक्टर्स, फुटबॉल-बेसबॉल खिलाड़ियों तक फैल चुका है। यहां तक कि धार्मिक संस्थाएं भी इसे अपना रही हैं। सोल के योनह्वासा मंदिर के पास बुद्ध पूर्णिमा पर ‘हैप्पी बुद्धा डे’ थीम वाला बर्थडे कैफे खोला गया, जहां युवाओं को ‘लोटस लाते’ के साथ बुद्ध के फोटो कार्ड दिए गए। ग्लोबल फैंस आकर 8 से 10 अलग-अलग कैफे जा रहे, होटल, परिवहन को भी बूस्ट यह ट्रेंड दक्षिण कोरिया के टूरिज्म का ग्रोथ इंजन बन गया है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के देशों से लाखों के-पॉप प्रशंसक पसंदीदा आइडल का ‘बर्थडे वाइब’ महसूस करने सोल आते हैं। ये विदेशी पर्यटक सोल आकर बकायदा कैफे टूर प्लान करते हैं, जिसमें वे एक दिन में 8 से 10 अलग-अलग कैफे की यात्रा करते हैं। इससे कैफे इंडस्ट्री, स्थानीय होटलों, परिवहन और रिटेल मार्केट को भी बूस्ट मिल रहा है। इस नेटवर्क को संभालने के लिए अब बकायदा डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्स बन चुके हैं, जहां फैंस इवेंट की लिस्टिंग, मर्चेंडाइज की डिटेल और मैप देख सकते हैं।
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