एक्स पर जारी एक आधिकारिक बयान में मंत्रालय ने कहा कि हाल की अमेरिकी कार्रवाइयों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरे में डाल दिया है और इस इलाके में सक्रिय संघर्ष को फिर से भड़का दिया है।
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पोस्ट में कहा गया, ईरान का विदेश मंत्रालय पिछले 24 घंटों में ईरान के खिलाफ़ अमेरिका के आक्रामक हमलों की कड़ी निंदा करता है। ये क्रूर हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों, खासकर अनुच्छेद 2(4) का गंभीर उल्लंघन हैं और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते की लगभग सभी शर्तों को तोड़ दिया है, सिर्फ़ 25 दिनों के अंदर… ईरान के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, मछली पकड़ने वाली नावों, कार्गो बार्ज और मौसम संबंधी सुविधाओं पर हमला करके, और भयानक युद्ध अपराध करके। बयान में इन कामों को साफ़ तौर पर भयानक युद्ध अपराध बताया गया।
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विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी फ़ारस की खाड़ी के आस-पास के देशों को भी कड़ी चेतावनी दी और कहा कि अमेरिका की मदद करके, पड़ोसी देश असल में इस संघर्ष में घसीट लिए गए हैं। बयान में कहा गया, इस हमले के लिए दक्षिणी फ़ारस की खाड़ी के देशों के इलाक़ों/सुविधाओं का इस्तेमाल करने से वे असल में ईरान के ख़िलाफ़ इस ग़ैर-क़ानूनी, आपराधिक युद्ध में घसीट लिए गए हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ हुआ द्विपक्षीय समझौता “संकट के दौर” में पहुँच गया है। उन्होंने वाशिंगटन पर आरोप लगाया कि वह रणनीतिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने में तेहरान की तय भूमिका को रोककर समझौते को सक्रिय रूप से कमज़ोर कर रहा है।
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