तेलंगाना के नलगोंडा जिले के वेमुलपल्ली मंडल में स्थित आमनगल्लू गांव के श्री पार्वती रामलिंगेश्वर स्वामी मंदिर के वार्षिक उत्सव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया. अग्निगुंडम (आग की खाई) पार करने की परंपरा के दौरान भक्तों में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हुई. भीड़ का दबाव इतना बढ़ा कि 11 श्रद्धालु सीधे जलती आग में गिर पड़े. उनके शरीर पर गंभीर जलन के निशान उभर आए. अन्य भक्तों ने तुरंत उन्हें बाहर खींचा और हुटाहुटी सरकारी अस्पताल पहुंचाया. सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है.
हजारों भक्त अग्निगुंडम पार करने के लिए लाइन में खड़े थे. अचानक किसी ने धक्का दिया और पूरी कतार लड़खड़ा गई. आसपास खड़े भक्तों ने बिना सोचे-समझे उन्हें आग से बाहर निकाला. कुछ महिलाएं और युवक भी इसमें शामिल थे. डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादातर घाव पैरों और हाथों पर हैं. तीन की हालत ज्यादा नाजुक है, उन्हें नलगोंडा जिला अस्पताल रेफर किया गया है.
यह उत्सव हर साल फाल्गुन मास में मनाया जाता है. अग्निगुंडम की रस्म मंदिर की सबसे बड़ी आकर्षण है. भक्त मानते हैं कि इससे पापों का प्रायश्चित होता है. लेकिन इस बार सुरक्षा इंतजामों में भारी चूक नजर आई. मंदिर कमेटी ने न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग लगाई थी और न ही पुलिस की अतिरिक्त मदद मांगी थी। भीड़ काबू में रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी.
मंदिर प्रबंधन से पूछताछ में जुटी पुलिस
वेमुलपल्ली पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर केस दर्ज कर लिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 (लापरवाही से चोट पहुंचाना) और 281 (सार्वजनिक जगह पर खतरा पैदा करना) के तहत मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. सब-इंस्पेक्टर ने बताया कि हम मंदिर प्रबंधन से पूछताछ कर रहे हैं. भीड़ प्रबंधन और अग्निगुंडम की सुरक्षा में हुई लापरवाही की जांच की जा रही है. अगर कोई जिम्मेदार पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी.
स्थानीय लोगों ने मंदिर कमेटी पर आरोप लगाया कि हर साल यही रस्म होती है लेकिन सुरक्षा पर कभी ध्यान नहीं दिया जाता. पिछले साल भी पास के चेरुवुगट्टू मंदिर में ऐसी घटना हुई थी। परिवार अब मुआवजे और बेहतर इलाज की मांग कर रहे हैं.
पुलिस ने मामले में सीसीटीवी के आधार पर जांच की शुरू
यह हादसा एक बार फिर धार्मिक उत्सवों में भीड़ प्रबंधन की कमी को उजागर करता है. पुलिस ने पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान दर्ज कर जांच तेज कर दी है. घायलों के इलाज का खर्च मंदिर कमेटी उठाएगी, यह आश्वासन भी दिया गया है. फिलहाल सभी 11 भक्त खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं लेकिन जलन के दाग लंबे समय तक रहेंगे. नलगोंडा जिला प्रशासन ने भी मंदिर उत्सव के बाकी कार्यक्रमों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं.
यह भी पढ़ें : अमेरिका ने ईरानी वॉरशिप पर भारतीय समुद्र में किया अटैक, अब तक 80 की मौत, कई लापता
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.