Nomura ने बढ़ाया भरोसा, ₹554 का टारगेट
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा (Nomura) ने खास तौर पर मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल यानी MHCV की मांग ने Tata Motors CV को पहले की रेटिंग से अपग्रेड करके ‘Buy’ कर दिया है। इसके साथ ही उसने शेयर का टारगेट प्राइस ₹554 प्रति शेयर तय किया है। नोमुरा (Nomura) के मुताबिक Q1 में कंपनी का EBITDA उसके अनुमान से बेहतर रहा और इसका फायदा कंपनी के अलग-अलग कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में देखने को मिला। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ओर से की गई कीमतों में बढ़ोतरी आने वाले समय में मार्जिन सुधारने में मदद कर सकती है।
नोमुरा (Nomura) ने खास तौर पर मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल यानी MHCV की मांग को लेकर अपना अनुमान भी बढ़ाया है। ब्रोकरेज ने FY27 में MHCV की मांग में सालाना आधार पर 8% ग्रोथ का अनुमान लगाया है, जो पहले 5% था। इसके अलावा Q2 FY27 में MHCV वॉल्यूम में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है। इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी कंपनी को फायदा मिल रहा है। छोटे कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में EV की हिस्सेदारी करीब 10% तक पहुंच चुकी है।
जुलाई की 25% कीमत बढ़ोतरी बनी अहम वजह
नोमुरा (Nomura) ने यह भी बताया कि लागत और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बीच Tata Motors ने जुलाई में करीब 25% कीमत बढ़ोतरी की थी। इसका असर आने वाली तिमाहियों में कंपनी की आय और मार्जिन पर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा इंडोनेशिया से मिले एक्सपोर्ट ऑर्डर की डिलीवरी FY27 और FY28 के दौरान होने की उम्मीद है। वहीं, Iveco से जुड़ी डील के नवंबर 2026 की शुरुआत तक पूरी होने की संभावना भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
CLSA को 30% से ज्यादा तेजी की उम्मीद
दूसरी ओर CLSA ने Tata Motors CV पर ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹596 का टारगेट प्राइस दिया है। यह बुधवार के बंद भाव के मुकाबले 30% से ज्यादा संभावित तेजी का संकेत देता है। CLSA का कहना है कि कंपनी के कमर्शियल व्हीकल कारोबार में वास्तविक मांग मजबूत बनी हुई है और Q2 FY27 में भी वॉल्यूम ग्रोथ डबल डिजिट में रह सकती है।
CLSA के अनुसार Q1 में कंपनी का EBITDA मार्जिन बाजार के अनुमान से करीब 50 बेसिस प्वाइंट बेहतर रहा। हालांकि कमोडिटी की बढ़ती कीमतों ने मुनाफे पर दबाव डाला, लेकिन बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और कीमतों में बढ़ोतरी ने इस दबाव को कुछ हद तक कम किया। आगे जुलाई की कीमत बढ़ोतरी और लागत घटाने के उपाय कंपनी को महंगाई के असर से निपटने में मदद कर सकते हैं।
Q1 में मुनाफा 83% बढ़ा
टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (Tata Motors Commercial Vehicles) के Q1 FY27 नतीजे भी काफी मजबूत रहे। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 83% बढ़कर ₹2,560 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹1,399 करोड़ के आसपास था। इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई से जुड़े ग्राहकों की मांग ने कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती दी।
कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 19.3% बढ़कर ₹20,667 करोड़ हो गया। EBITDA भी 8.6% बढ़कर ₹2,640 करोड़ रहा। सबसे अहम बात यह रही कि EBITDA मार्जिन पिछले साल के 11.98% से बढ़कर 15.83% हो गया। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी सिर्फ बिक्री बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि लागत और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी सुधारने पर भी काम कर रही है।
मजबूत Q1 नतीजे, कमर्शियल व्हीकल की बेहतर मांग, कीमतों में बढ़ोतरी और लागत घटाने की रणनीति ने टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (Tata Motors CV) को लेकर ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ब्रोकरेज टारगेट अनुमान होते हैं, गारंटीड रिटर्न नहीं। कमोडिटी कीमतें, आर्थिक गतिविधियां, ब्याज दरें, ऑटो सेक्टर की मांग और कंपनी के आगामी नतीजे शेयर की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए तेज उछाल के बाद निवेश का फैसला कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपने जोखिम के हिसाब से करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर- किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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