BCCI: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों हलचल तेज है। भले ही टीम इंडिया ने सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया हो, लेकिन कप्तान सूर्या की खुद की बल्लेबाजी फॉर्म ने चयनकर्ताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। ताजा रिपोर्ट्स की मानें तो IPL 2026 के बाद सूर्यकुमार यादव के भविष्य पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जिससे उनकी टीम इंडिया से उनकी छुट्टी भी हो सकती है।
बल्लेबाजी फॉर्म बनी सूर्या की मुसीबत
BCCI के सूत्रों के मुताबिक, सूर्या की कप्तानी पर संदेह नहीं है, लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर उनकी निरंतरता चिंता का विषय है। साल 2025 उनके करियर के लिए बेहद खराब रहा था, जहां उनका स्ट्राइक रेट 120 से भी नीचे गिर गया था। हालांकि 2026 में उन्होंने कुछ हद तक वापसी की है, लेकिन बड़े मैचों में उनका बल्ला खामोश रहा है।
चयनकर्ताओं की मुख्य चिंता 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को लेकर है। उस वक्त सूर्या की उम्र 38 साल के करीब होगी, ऐसे में फिटनेस और फॉर्म को देखते हुए क्या उन्हें टीम में बनाए रखना सही होगा, इस पर गंभीर मंथन जारी है।
ब्रिटेन दौरा तय करेगा सूर्या का भविष्य
जून-जुलाई 2026 में होने वाला इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा सूर्यकुमार यादव के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ साबित होने वाला है। इस दौरे पर उनकी कप्तानी से ज्यादा उनकी बल्लेबाजी पर बारीक नजर रखी जाएगी। मुख्य कोच गौतम गंभीर अभी भी सूर्या के समर्थन में हैं, लेकिन अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति युवा खिलाड़ियों को मौका देने के पक्ष में दिख रही है। अगर ब्रिटेन दौरे पर सूर्या का बल्ला नहीं चला, तो मुमकिन है कि 2028 के विजन को ध्यान में रखते हुए टीम में उनकी जगह किसी युवा चेहरे को शामिल कर लिया जाए।
वैभव सूर्यवंशी का जल्द हो सकता है डेब्यू
एक तरफ जहां सूर्या के भविष्य पर तलवार लटकी है, वहीं युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के लिए अच्छी खबर आ रही है। चयनकर्ताओं ने वैभव को आयरलैंड दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया है। BCCI सूत्रों का मानना है कि वैभव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
टूट जाएगा सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड
हालांकि, सलामी बल्लेबाज के तौर पर यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसी कड़ी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन माना जा रहा है कि जिम्बाब्वे दौरा या एशियाई खेलों के दौरान वैभव को नीली जर्सी पहनने का मौका मिल सकता है। अगर ऐसा होता है तो सूर्यवंशी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे और सचिन तेंदुलकर (16 साल की उम्र में डेब्यू) का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ देंगे।
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