दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल अब अपने कारोबार को नई दिशा देने की तैयारी में है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी भविष्य में केवल मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वित्तीय सेवाओं, डाटा केंद्र और क्लाउड कारोबार को अपनी अगली विकास यात्रा का प्रमुख आधार बनाने पर काम कर रही है। यह जानकारी कंपनी के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने वार्षिक रिपोर्ट में साझा की है।
बता दें कि पिछले दस वर्षों में भारती एयरटेल ने देश में मजबूत डिजिटल ढांचा तैयार करने के लिए 3.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। अब कंपनी इसी आधार पर नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है। वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, एयरटेल मनी में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा कंपनी अपने डाटा केंद्र कारोबार एनएक्स्ट्रा का भी तेजी से विस्तार कर रही है।
सुनील भारती मित्तल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने सोच-समझकर नए कारोबार विकसित किए हैं और अब वित्तीय सेवाओं, डाटा केंद्र तथा क्लाउड सेवा के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में कंपनी की मजबूत स्थिति भविष्य में बेहतर परिणाम दे सकती है।
गौरतलब है कि एयरटेल मनी को भारतीय रिजर्व बैंक से बिना जमा स्वीकार करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी के रूप में काम करने की मंजूरी मिल चुकी है। मित्तल ने इसे कंपनी के साथ-साथ देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में एयरटेल मनी को जरूरत के अनुसार पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी का डाटा केंद्र कारोबार एनएक्स्ट्रा भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में इस कारोबार के लिए लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर की राशि जुटाई गई है। कंपनी आने वाले वर्षों में एक हजार मेगावाट क्षमता वाले डाटा केंद्र विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। देश में तेजी से बढ़ते डिजिटलीकरण, क्लाउड सेवाओं की मांग और डाटा को भारत में सुरक्षित रखने की जरूरत को देखते हुए इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जा रहा है।
वहीं एयरटेल क्लाउड सेवा को भी ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। कंपनी का कहना है कि उसकी क्लाउड सेवा के तहत ग्राहकों को विश्वस्तरीय सेवाएं भारत में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक इस सेवा के लिए 24 से अधिक कारोबारी समझौते किए जा चुके हैं।
सुनील भारती मित्तल ने यह भी कहा कि सरकार की ओर से क्लाउड, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल ढांचे को बढ़ावा देने वाली नीतियां भविष्य में इस क्षेत्र में निवेश को और गति देंगी। उन्होंने केंद्र सरकार की दीर्घकालिक कर राहत योजना का भी स्वागत किया, जिससे डाटा केंद्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परियोजनाओं में पूंजी निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
बता दें कि कंपनी की पांचवीं पीढ़ी की मोबाइल सेवा का ग्राहक आधार बढ़कर 18.8 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं एयरटेल के नेटवर्क पर होने वाले कुल बेतार डाटा उपयोग का लगभग आधा हिस्सा अब इसी सेवा के माध्यम से संचालित हो रहा है। कंपनी का मानना है कि तेज और बेहतर संपर्क व्यवस्था आने वाले समय में कई नए कारोबारी अवसर तैयार करेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।
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