सोनी आगे बताती हैं कि सुपरमार्केट से लेकर लोकल मार्केट में उनके इस मसाले की डिमांड बढ़ गई है, लेकिन यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था. क्योंकि बाजार में ऑलरेडी बड़े-बड़े ब्रांड खड़े हैं. उस बीच अगर आप अपना लेकर जाते हैं तो सबसे पहले वह कहते हैं कि उनके पास तो पहले से ही यह 4-5 ब्रांड हैं. फिर हम आपका सामान क्यों ले, ऐसे में अपने ब्रांड का जगह बनाना यह एक चुनौती होती है.
बेचने में कई रिजेक्शन झेले
सोनी ने आगे बताया कि उन्होंने कई रिजेक्शन झेले हैं. कई बार सुपर मार्केट से लेकर जब हम लोकल मार्केट में गये तो कई बार रिजेक्शन मिला, लेकिन हम भी अपनी क्वालिटी को लेकर काफी पक्के थे. हमें पता था एक बार अगर कोई खाएगा तो दोबारा हमारा जरूर लेगा. इसलिए हमने बस एक चांस मांगा और जब हमें वह मिला तो हमारे कस्टमर बनते चले गए. आज आलम यह है कि एक बार कोई लेता है तो वह दोबारा उनका ही ब्रांड आकर खोजता है.
सोनी ने बताया कि हमारा जो मसाला है. वह एकदम खेत से डायरेक्ट लाया गया होता है. उसके बाद एकदम शुद्ध तरीके से पीसा गया होता है. पीसने के दौरान भी हाइजीन का बहुत ही ख्याल रखा जाता है और पैकेजिंग भी ऐसा है कि आप बार-बार इस्तेमाल करें तो आपको दिक्कत नहीं होगी. दरअसल, मसाला ऐसी चीज है कि जो हर घर में इस्तेमाल होता है और उसकी डिमांड कभी कम नहीं होने वाली है, इसलिए बिजनेस के लिए उन्होंने मसाले को चुना.
लोग कॉल करके करते हैं डिमांड
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