साल 2018 में सुभंकर बाला ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा पूरी तरह बदल दी। उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया।
कहां से मिली प्रेरणा
सुभंकर बाला की IAS बनने की प्रेरणा बचपन में ही मिल गई थी। पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में जब वह कक्षा 7 के छात्र थे, तब माओवादी प्रभावित एक गांव में अशांति का माहौल था। उस दौरान उन्होंने एक सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) को घर-घर जाकर लोगों से बातचीत करते और हालात को सामान्य बनाने की कोशिश करते देखा। इस घटना ने शुभंकर के मन पर गहरी छाप छोड़ी। तभी उन्होंने तय कर लिया कि वह भी एक दिन प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करेंगे।
कहां से की है पढ़ाई
हालांकि, उन्होंने पहले अपने करियर की शुरुआत इंजीनियरिंग से की। सुभंकर ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), वारंगल से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्हें बेंगलुरु स्थित टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स में इंटीग्रेटेड सर्किट डिजाइन इंजीनियर के रूप में नौकरी मिल गई। उनके सामने एक सुरक्षित और शानदार कॉर्पोरेट करियर था, लेकिन बचपन का IAS बनने का सपना अभी भी उनके दिल में जिंदा था।
आरामदायक नौकरी छोड़ चुनी UPSC की राह
साल 2018 में सुभंकर बाला ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा पूरी तरह बदल दी। उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया। खास बात यह रही कि उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। अपनी तैयारी के लिए उन्होंने मानक पुस्तकों, NPTEL के ऑनलाइन लेक्चर और एक अनुशासित दिनचर्या पर भरोसा किया। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और सही रणनीति के दम पर शुभंकर ने अपने IAS बनने के सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
पहले प्रयास से मिली सीख
UPSC के अपने पहले प्रयास में सुभंकर बाला ने प्रारंभिक परीक्षा तो सफलतापूर्वक पास कर ली, लेकिन मुख्य परीक्षा में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। इस नतीजे ने उनकी तैयारी की कमियों को सामने ला दिया। हालांकि, इससे वो निराश नहीं हुए, बल्कि इसे अपनी तैयारी को बेहतर बनाने का अवसर माना।
बनाई ये रणनीति
सुभंकर ने अपनी गलतियों का गहराई से विश्लेषण किया, वैकल्पिक विषय पर पकड़ मजबूत की, उत्तर लेखन (Answer Writing) का नियमित अभ्यास किया और एक अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी अध्ययन योजना तैयार की। इसी रणनीति और लगातार मेहनत का परिणाम रहा कि उन्होंने अगले प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना IAS बनने का सपना साकार कर लिया।
ऑप्शनल विषय में 120 से अधिक अंक बढ़े
उन्होंने अपने ऑप्शनल विषय में 120 से अधिक अंकों का सुधार किया, जिसने उनकी सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई। आखिरकार, शुभंकर ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 79 हासिल की और 2021 बैच के IAS अधिकारी बने। IAS बनने के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल में सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) के रूप में सेवा दी।
वर्तमान में सुभंकर बाला पश्चिम बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NBSTC) में डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और जनसेवा के अपने सफर को आगे बढ़ा रहे हैं।
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