गोरेगांव फिल्म सिटी में शूटिंग करने वाले कलाकार और क्रू मेंबर्स की सेहत को लेकर अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा कदम उठाया है. IAS अफसर तुकाराम मुंढे के एक्शन से इस वक्त पूरी फिल्म सिटी खौफ में आ गई है. दरअसल, फिल्म सिटी प्रशासन ने सभी शूटिंग सेट्स पर कड़े नियमों का एक सरकारी नोटिस (लेटर) भेजा है, जिसके बाद से बड़े-बड़े प्रोड्यूसर्स और कैटरर्स बुरी तरह डरे हुए हैं. हर कोई इस सोच में डूबा है कि अब सेट्स पर जरा सी भी लापरवाही उन पर बहुत भारी पड़ने वाली है.
फूड चेकिंग से हड़कंप
शूटिंग सेट्स पर अभी तक खाने की क्वालिटी और किचन की साफ-सफाई को लेकर शायद ही कभी इतनी सख्ती देखी गई थी, लेकिन अब नजारा पूरी तरह बदलने वाला है. इस नए आदेश के बाद फिल्म सिटी के अलग-अलग शूटिंग लोकेशंस पर कभी भी ‘सरप्राइज चेकिंग’ की जाएगी. फूड सेफ्टी ऑफिसर्स की टीमें अचानक किसी भी सेट के किचन में धावा बोल सकती हैं.
फूड सेफ्टी रेगुलेशन 2011 के शेड्यूल 4 के कड़े नियम
अब सेट्स पर खाना बनाने और परोसने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड बिजनेस की लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन) रेगुलेशन, 2011 के शेड्यूल 4 के कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है. इन नए नियमों में सबसे अहम बातें ये हैं:-
1. जरूरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
फिल्म सिटी के अंदर खाना सप्लाई करने वाले हर कैटरर के पास सरकार का मान्य FSSAI लाइसेंस होना बहुत जरूरी है. इसके अलावा, खाना बनाने का सामान (जैसे दूध, सब्जियां, मीट और राशन) भी सिर्फ उन्हीं दुकानदारों से खरीदा जाएगा जिनके पास FSSAI का रजिस्ट्रेशन हो. इस खरीद-फरोख्त का पूरा हिसाब-किताब भी संभालकर रखना होगा.

2. स्टाफ की साफ-सफाई और सेहत
रसोई में खाना बनाने वाले और उसे परोसने वाले हर कर्मचारी का डॉक्टर से चेकअप होना जरूरी है और उनके पास ‘मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट’ होना चाहिए. काम करते समय सभी के नाखून छोटे और कटे होने चाहिए. साथ ही, सिर पर कैप, हाथों में दस्ताने और चेहरे पर मास्क लगाना अनिवार्य है.

3. शुद्ध पानी का होगा इस्तेमाल
खाना पकाने के लिए सिर्फ साफ पीने के पानी का इस्तेमाल होगा. इसके अलावा, वेज (शाकाहारी) और नॉन-वेज (मांसाहारी) खाना काटने के लिए बिल्कुल अलग-अलग चाकुओं और चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल करना होगा, ताकि दोनों आपस में मिक्स न हों.

4. खाने का तापमान सही रखना
पका हुआ गर्म खाना हमेशा 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और ठंडी चीजें (जैसे सलाद या दही) 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखनी होंगी. बना हुआ खाना 2 घंटे से ज्यादा समय के लिए सामान्य रूम टेंपरेचर पर खुला नहीं छोड़ा जा सकता, क्योंकि इससे खाना खराब होने का डर रहता है.

अगर नियम नहीं माने तो क्या होगा?
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन नियमों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी. अगर जांच के दौरान किसी भी सेट पर नियमों का उल्लंघन पकड़ा गया, तो कैटरिंग यूनिट का काम तुरंत बंद कर दिया जाएगा. इसके साथ ही, फूड सेफ्टी एक्ट (FSS Act, 2006) की धारा 56 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत भारी जुर्माने से लेकर जेल जाने तक की नौबत आ सकती है.

तुकाराम मुंढे के नाम का खौफ क्यों है?
आईएएस (IAS) अफसर तुकाराम मुंढे अपनी बेहद कड़क छवि, ईमानदारी और बिना किसी समझौते के कड़े फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं. महाराष्ट्र में उनके नाम से ही नियम तोड़ने वाले थर-थर कांपते हैं. वो जहां भी पोस्टेड रहे हैं, उन्होंने नियमों को सख्ती से जमीन पर लागू करवाया है. फिल्म सिटी के लोगों को अच्छी तरह पता है कि तुकाराम मुंढे के रडार पर आने के बाद कोई भी ‘जुगाड़’ या ‘सिफारिश’ काम नहीं आने वाली.
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Input By : विशाल कुमार शर्मा
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