यह कहानी है झुग्गी में पहने वाले एक इंजीनियर की, जिनकी 33 लाख रुपये सालाना की नौकरी लगी है, वो भी फोनपे कंपनी में। इंजीनियर के बारे में दावा किया जा रहा है कि उनका घर कभी नाले के किनारे था और घर में रहने वाले सदस्यों को मानसून में बाढ़ की चिंता रहती थी।
नाले के किनारे बीता बचपन
दरअसल, इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर स्टोरी शेयर की है, जिसके बाद से यह सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। इंजीनियर ने अपनी पोस्ट पर दावा किया है कि उनका बचपन एक बेहद ही गरीब परिवार में बीता। उनका घर नाले के पास था और बारिश के मौसम में बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता था। उनके माता-पिता परिवार चलाने के लिए बहुत मेहनत करते थे, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत के मुकाबले कम वेतन मिलता था।
पढ़ाई के लिए मिली स्कॉलरशिप
ऐसे हालात में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने रिश्तेदारों की मदद, लोन और EWS स्कॉलरशिप के सहारे उन्होंने राज्य स्तर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया।
JEE में 96 पर्सेंटाइल, लेकिन चुना किफायती कॉलेज
कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अपनी की और JEE में 96 पर्सेंटाइल हासिल की थी। इसके बावजूद परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण वे अपनी पसंद के सभी कॉलेजों में दाखिला नहीं ले सके। ऐसे में उन्होंने ऐसा कॉलेज चुना जहां उनकी पढ़ाई हो सके।
गरीबी बनाम अमीरी का सामना उन्हें कॉलेज में भी करना पड़ा। कॉलेज में उन्हें अपने और दूसरे छात्रों के जीवन में काफी अंतर नजर आया। उनके कई साथी मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों से थे। वे नियमित रूप से बाहर खाना खाते, वीकेंड पर घूमने जाते, फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते। हालांकि, उन्होंने इस परिस्थिति को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने इसे खुद को बेहतर करने की चुनौती के तौर पर लिया।
पहले साल में 9.63 CGPA
बता दें कि पढ़ाई में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। पहले साल में उन्होंने 9.63 CGPA हासिल किया और ग्रेजुएशन तक इसी स्तर का प्रदर्शन बनाए रखा। लेकिन सिर्फ अच्छे नंबर उनके लिए काफी नहीं थे। उन्हें महसूस हुआ कि उनकी DSA (डेटा स्ट्रक्चर्स एंड एल्गोरिदम) और डेवलेपेंट स्किल्सकमजोर हैं। पहले हैकाथॉन में उनकी यह कमी सामने आई और यह अनुभव उनके लिए बड़ा सबक बना। इसके बाद उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया और एक अच्छी टीम के साथ हैकाथॉन में हिस्सा लिया। उन्होंने अपना पहला हैकाथॉन जीता और आगे चलकर उनकी टीम ने तीन और हैकाथॉन जीते।
33 लाख के पैकेज तक
शुरुआत में उनका लक्ष्य सिर्फ इतना था कि कॉलेज से एक अच्छी नौकरी मिल जाए। लेकिन लगातार मेहनत और अपनी स्किल्स को बेहतर करने के बाद उन्होंने इससे कहीं बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्हें आखिरकार PhonePe में 33 लाख रुपये CTC का जॉब ऑफर मिला। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह अपनी सफलता का दिखावा करने के लिए यह कहानी साझा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उनकी इच्छा सिर्फ इतनी है कि मुश्किल दौर से गुजर रहे किसी व्यक्ति को उनकी कहानी से थोड़ी उम्मीद मिले। बता दें कि उनके लिए यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि अपने परिवार के भविष्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
उनकी कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी उनकी मेहनत की तारीफ की। कई यूजर्स ने इसे प्रेरणादायक बताया और कहा कि कड़ी मेहनत से व्यक्ति अपने परिवार की पुरानी आर्थिक सीमाओं को बदल सकता है।
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