शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर मराठा समुदाय ने बागलकोट शहर में गुरुवार (19 फरवरी) देर शाम एक बड़ा जुलूस निकाला. ये विशाल जुलूस किले के अंबाभवानी मंदिर से शुरू हुआ और शिवाजी महाराज का जुलूस मेन रोड से होते हुए बसवेश्वर सर्कल के लिए निकला.
जुलूस बसवेश्वर सर्कल के बाद वल्लभभाई चौक से होते हुए किले की ओर बढ़ने लगा. आरोप है कि जुलूस जब वहां बनी एक मस्जिद के बाहर पहुंचा तो DJ की आवाज को तेज कर दिया गया और वहीं पर रुककर लोग नारेबाजी करने लगे और जमकर नाच गाना शुरू कर दिया. इसके बाद मस्जिद में मौजूद लोगों ने विरोध किया.
शिवाजी महाराज के जुलूस पर फेंके पत्थर
हालांकि मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने मस्जिद के अंदर जाकर वहां मौजूद मुस्लिम युवकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच किसी शरारती तत्व ने जुलूस की तरफ चप्पल फेंक दी. जिस कारण देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया और इसके कुछ देर बाद कुछ बदमाशों ने मस्जिद के अंदर से जुलूस पर पत्थर फेंके.
हिंदू कार्यकर्ताओं ने ठेलों में लगाई आग
इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए स्थिति को संभाला और जुलूस को आगे के लिए रवाना कर दिया, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद कथित तौर पर हिंदू कार्यकर्ताओं ने मस्जिद के बाहर खड़े ठेलों में आग लगा दी. इस पूरे मामले को लेकर हिंदू संगठनों के नेताओं ने मांग की है कि जुलूस पर पत्थर फेंकने वाले दोषियों के खिलाफ सही कार्रवाई की जाए. इस घटना से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस जवानों की संख्या और बढ़ा दी गई है. सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक ने इस तनाव के लिए जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है.
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