बॉलीवुड एक्ट्रेस शहाना गोस्वामी ने हाल ही में बताया कि वह बिना किसी ‘प्राइमरी पार्टनर’ के ओपन रिलेशनशिप में हैं। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शहाना ने कहा, ‘फिलहाल मेरी जिंदगी में ऐसा कोई एक खास पार्टनर नहीं है। मेरी जिंदगी में कई लोग हैं, जिनसे मेरा लंबे समय से जुड़ाव है, लेकिन ये रिश्ते कैजुअल नहीं हैं। मेरे लिए कोई भी रिश्ता हल्का या टाइमपास नहीं होता।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे लिए ओपननेस का मतलब यह है कि किसी एक इंसान के साथ तय रिश्ता जरूरी नहीं है। लेकिन लोगों के साथ जुड़ाव और अपनापन बना रहता है। कभी वह सिर्फ दोस्ती होती है, कभी रिश्ता थोड़ा और गहरा भी हो सकता है। हर चीज को किसी एक नाम या दिशा में बांधना जरूरी नहीं है। सबसे जरूरी चीज प्यार और दोस्ती है। मेरे लिए दोस्त वही है, जिसके लिए दिल में सच्चा अपनापन हो।’ शहाना ने ओपन रिलेशनशिप में घोस्टिंग से इनकार किया शहाना गोस्वामी से जब ओपन रिलेशनशिप में घोस्टिंग यानी अचानक रिश्ता खत्म कर देने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘असल में ऐसा नहीं होता। मैं लोगों को इग्नोर नहीं करती। इस तरह की जिंदगी अचानक नहीं मिलती। यहां तक पहुंचने के लिए इंसान को खुद पर बहुत काम करना पड़ता है। बाहर से यह आसान लगता है, लेकिन अपने अंदर की जलन और असुरक्षाओं का सामना करना पड़ता है।’ शहाना ने कहा कि उनके करीब आने वाले कई लोग उनकी सोच और आजादी को समझ नहीं पाते। कुछ लोग बिना किसी लड़ाई या विवाद के उनसे दूरी बना लेते हैं, क्योंकि वे खुद को असहज महसूस करने लगते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं उन लोगों से अलग हूं, जिनसे वे पहले मिले हैं। मेरी वजह से कई लोगों की असुरक्षाएं बाहर आ जाती हैं। मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करती, लेकिन मेरी आजादी लोगों को खुद के बारे में सोचने पर मजबूर करती है और हर कोई इसके लिए तैयार नहीं होता।’ कई पार्टनर्स एक-दूसरे से मिल चुके हैं: शहाना शहाना ने कहा कि कम उम्र में ही उन्हें ओपन रिलेशनशिप के बारे में समझ आ गई थी। एक्ट्रेस ने कहा, ‘मुझे हमेशा लगा कि प्यार आजाद होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि रिश्ता किसी इंसान को बांध दे या उसकी जिंदगी सीमित कर दे। इसी सोच ने मेरे रिश्तों और उन्हें निभाने के तरीके को तय किया है।’ उन्होंने बताया कि उनके कई ओपन रिलेशनशिप पार्टनर्स एक-दूसरे से मिल चुके हैं। उनके मुताबिक, ऐसे रिश्ते तभी चल पाते हैं, जब उनमें ईमानदारी और खुलकर बातचीत हो। शहाना ने यह भी कहा कि लोग अक्सर यह सोच लेते हैं कि उनकी जिंदगी आसान है या उन्हें कभी मुश्किल भावनाओं का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उनके मुताबिक, आजादी का मतलब मुश्किलों से भागना नहीं होता। असली आजादी तब आती है, जब इंसान अपनी परेशानियों, डर और भावनाओं का सामना करता है और उनसे भागता नहीं। शहाना का कहना है कि बाहर से देखने वाले लोग अक्सर इसी बात को समझ नहीं पाते।
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