इसे भी पढ़ें: Marco Rubio ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी, PM Modi और Trump के संबंधों को सराहा
मोदी ने पिछले 12 सालों में भारत की मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल क्षमता में आए बदलावों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान डिफेंस प्रोडक्शन लगभग चार गुना बढ़ा है, जबकि खादी और ग्रामोद्योग सेक्टर में प्रोडक्शन लगभग पांच गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना बढ़ी है, मॉडर्न रेलवे कोच का प्रोडक्शन 21 गुना बढ़ा है और मोबाइल फ़ोन का प्रोडक्शन 33 गुना बढ़ा है। मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने एक नई रफ़्तार पकड़ी है और तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत कई सपनों के साथ आज़ाद तो हुआ था, लेकिन अपनी विकास दर बढ़ाने में उसे संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि वह हो जाएगा, देखते हैं” वाली सोच में ही अटका रहा।
इसे भी पढ़ें: Narendra Modi ने Independence Day पर 2047 तक विकसित भारत का संकल्प दोहराया
मोदी के अनुसार, 2014 तक भारत को दुनिया की “फ़्रैजाइल फ़ाइव” (कमज़ोर अर्थव्यवस्थाओं वाले पाँच देशों) की श्रेणी में रखा गया था। उन्होंने कहा कि तब से 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प और मज़बूती ने देश को तेज़ी से आगे बढ़ने में मदद की है। मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ऊर्जा सुरक्षा पर भी खास ज़ोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने न्यूक्लियर, सोलर और गैस-आधारित ऊर्जा के क्षेत्रों में लक्ष्यों और विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत ने 200 GW न्यूक्लियर ऊर्जा का लक्ष्य तय किया है और पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश ने इस साल ‘फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी’ के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है, जिसे उन्होंने न्यूक्लियर ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मोदी ने कहा कि अब 1.75 करोड़ घरों तक पाइप से गैस पहुंच रही है, जबकि 50 लाख से ज़्यादा घरों में सोलर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध है।
चिप्स से लेकर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी तक
सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करने का मकसद बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम करना और घरेलू क्षमताओं को मजबूत करना है। जहां इलेक्ट्रॉनिक सामान, मेडिकल इक्विपमेंट और ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए सेमीकंडक्टर बहुत ज़रूरी होते जा रहे हैं, वहीं न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी को भारत की लंबे समय की एनर्जी सिक्योरिटी के एक अहम हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। मोदी ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भारत की तरक्की ने उसे पहले ही दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि घरेलू सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार आत्मनिर्भरता की ओर इस सफर को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और एनर्जी के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किए जा रहे इन प्रयासों का मकसद ‘आत्मनिर्भर भारत’ और आखिरकार ‘विकसित भारत’ की नींव रखना है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.