- कॉपी लिंक
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के पिता और स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को आज मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। 90 साल के सलीम खान को ब्रेन हेमरेज के कारण 17 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
करीब एक महीने तक चले इलाज के बाद अब उनकी तबीयत में काफी सुधार है और डॉक्टर्स ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक उनका डिस्चार्ज प्रोसीजर पूरा हो चुका है, लेकिन वे अभी हॉस्पिटल में ही हैं।

सलमान खान लगातार अपने पिता का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचते रहे हैं।
एक महीने से लीलावती अस्पताल में थे भर्ती
सलीम खान सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जलील पारकर की देखरेख में थे। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती उम्र की वजह से उन्हें कुछ कॉम्प्लिकेशंस हो रहे थे। जांच में मामूली ब्रेन हैमरेज की बात सामने आई थी, जिसके बाद न्यूरोसर्जन डॉ. नितिन डांगे ने उनकी एक छोटी सर्जरी (DSA प्रोसीजर) की थी। उनकी उम्र को देखते हुए रिकवरी में थोड़ा समय लगा, लेकिन अब वे पूरी तरह स्टेबल हैं।

अपने पूरे परिवार के साथ राइटर सलीम खान।
शुरुआती इलाज में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहे सलीम
इलाज के शुरुआती दौर में सलीम खान को कुछ समय के लिए वेंटिलेटर पर भी रखा गया था। डॉ. जलील पारकर ने बताया था कि हैमरेज के बाद छोटा प्रोसीजर जरूरी था जो सफल रहा। हाल ही में एक इफ्तार पार्टी के दौरान अरबाज खान ने पैपराजजी से बात करते हुए बताया था कि पिता की सेहत अब काफी बेहतर है और वे सुधार कर रहे हैं।
हाल जानने पहुंचे थे शाहरुख और आमिर खान
सलीम खान के अस्पताल में रहने के दौरान पूरा खान परिवार उनके साथ खड़ा रहा। बेटे सलमान खान, अरबाज खान और सोहेल खान लगातार अस्पताल के पहुंचते रहे। शाहरुख खान और आमिर खान भी सलीम खान का हाल जानने अस्पताल पहुंचे थे।
इसके अलावा, सलीम खान के पुराने साथी और दिग्गज लेखक जावेद अख्तर ने भी अस्पताल जाकर अपने दोस्त की सेहत की जानकारी ली थी।

आमिर खान दो बार सलीम खान का हाल जानने लीलावती अस्पताल जा चुके हैं।
एक्टिंग से शुरू हुआ था करियर
सलीम खान ने 60 के दशक में बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने ‘तीसरी मंजिल’ जैसी फिल्मों में छोटे रोल किए, लेकिन बाद में उन्होंने राइटिंग को अपना पेशा बनाया। 60 के दशक के अंत में उनकी मुलाकात जावेद अख्तर से हुई और ‘सलीम-जावेद’ की आइकॉनिक जोड़ी बनी।

इस जोड़ी ने ‘शोले’, ‘दीवार’, ‘जंजीर’, ‘डॉन’ और ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी 24 फिल्में लिखीं, जिनमें से 20 फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं। 1982 में जावेद अख्तर से अलग होने के बाद भी उन्होंने ‘नाम’ और ‘प्यार किया तो डरना क्या’ जैसी सुपरहिट फिल्में दीं।

Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
