तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बृहस्पतिवार को देश पर बढ़ते कर्ज को लेकर केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद 12 वर्षों में देश पर 151 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ाया है। रेड्डी ने अंतरराष्ट्रीय अध्ययन/अनुभव कार्यक्रम के तहत फिनलैंड और जर्मनी का दौरा कर लौटे सरकारी शिक्षकों को संबोधित करते हुए दावा किया कि देश पर कुल कर्ज अब 201 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा, आजादी से लेकर वर्ष 2014 तक सभी प्रधानमंत्रियों ने मिलकर 51 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जबकि वर्तमान प्रधानमंत्री के कार्यकाल में 2014 से 2026 के बीच 12 वर्षों में 151 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों ने रेलवे लाइनें बिछाईं, राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कराया तथा लाखों गांवों तक बिजली, शिक्षा, सिंचाई और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाईं। उन्होंने केंद्र सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा, क्या पिछले 12 वर्षों में देश को नए हवाई अड्डे, नई रेलवे लाइन या बड़े बंदरगाह मिले हैं? रेड्डी ने संसद में हाल ही में दिए गए एक जवाब का हवाला देते हुए कहा कि देश पर कर्ज का बोझ बढ़कर 201 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
रेड्डी ने शिक्षकों और उनके संगठनों से अपील की कि वे शिक्षा क्षेत्र में पांच साल में बदलाव लाने का संकल्प लें और कहा कि वह 2034 तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। रेड्डी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए बेहतरीन योगदान दिया, लेकिन फिर भी उनकी आलोचना की जाती है। उन्होंने कहा कि जहाँ छोटी-मोटी घटनाओं को बड़ी जीत के तौर पर पेश किया जाता है, वहीं पिछली कांग्रेस सरकारों के दौरान चीन और पाकिस्तान को युद्ध में हराया गया था और पाकिस्तान के बंटवारे से बांग्लादेश बना था।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.