साइबर सिक्योरिटी कंपनी Zenity की एक नई स्टडी के अनुसार, OpenAI द्वारा डेवलप किए गए AI-पावर्ड वेब ब्राउजर ‘Atlas’ में हेरफेर करके उससे कई WhatsApp कॉन्टैक्ट्स को अपने-आप स्पैम मैसेज भेजे जा सकते हैं।
रिसर्चर्स ने साफ किया कि उन्हें WhatsApp में कोई कमी नहीं मिली। इसका एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुरक्षित है और एक्सपेरिमेंट के दौरान इसे बायपास नहीं किया गया। इसके बजाय, समस्या एआई ब्राउजर एजेंट्स में छिपी है जो यूजर्स की ओर से काम कर सकते हैं।
AI-पावर्ड वेब ब्राउजर ‘Atlas’ में कई खामियां
इस बारे में सबसे पहले वायर्ड ने जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चर्स ने OpenAI, Google, Anthropic, Microsoft और Perplexity द्वारा बनाए गए AI-पावर्ड ब्राउजर और ब्राउजर एक्सटेंशन को प्रभावित करने वाली 20 से ज्यादा सुरक्षा कमियों की पहचान की।
स्टडी के अनुसार, हमलावर संभावित रूप से यूजर के कंप्यूटर पर स्टोर फाइलों तक पहुंचने, पासवर्ड मैनेजर का कंट्रोल लेने, अमेजन पर खरीदारी करने और यहां तक कि वॉट्सऐप पर स्पैम कैंपेन को ऑटोमेट करने के लिए इन कमजोरियों का फायदा उठा सकते हैं।
उनका मानना है कि AI ब्राउजर एजेंट एक नए तरह की साइबर सुरक्षा चुनौती पैदा करते हैं, क्योंकि वे बहुत कम यूजर इंटरैक्शन के साथ अलग-अलग वेबसाइट्स पर काम कर सकते हैं।
वायर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जेनिटी के को-फाउंडर और CTO माइकल बारगुरी ने कहा, “उन्होंने ब्राउजर के सिक्योरिटी कंट्रोल को कमजोर कर दिया है, अब हम फिर से उसी तरह के हमले देख रहे हैं जो 20 साल पहले ब्राउजर पर होते थे।”
बारगुरी ने आगे कहा, “आप खुद को ऐसी स्थिति में डाल रहे हैं जहां ब्राउजर पूरी तरह से हाईजैक हो सकता है, आपके अकाउंट्स खतरे में पड़ सकते हैं और आपका डेटा लीक हो सकता है। हमें इस बात का बहुत ध्यान रखना चाहिए कि एजेंट्स को ब्राउजर तक किस लेवल का एक्सेस चाहिए और उन ब्राउजर्स का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें किस लेवल की छूट या अधिकार की जरूरत है।”
सैम ऑल्टमैन ने कहा- बंद होने वाला है Atlas
कंपनी ने कहा कि उसने जनवरी 2026 में OpenAI को निजी तौर पर ये नतीजे बताए थे। रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, OpenAI ने वायर्ड को बताया कि वह प्रॉम्प्ट-इंजेक्शन हमलों पर सक्रिय रूप से रिसर्च कर रहा है और इस साल की शुरुआत में ही Atlas के लिए अपडेट जारी कर चुका है। सैम ऑल्टमैन की अगुवाई वाले AI स्टार्टअप ने यह भी कहा कि एटलस (Atlas) को 9 अगस्त को बंद कर दिया जाएगा और नए ChatGPT ऐप की ब्राउजर क्षमताओं में बेहतर सुरक्षा सुविधाएं जारी रहेंगी।
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