वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत मजबूत रही है। भू राजनैतिक तनाव के बावजूद अप्रैल से जून तक कपड़ों की बिक्री 12-14%, एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर की मांग 17-18% बढ़ी। प्रीमियम ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज हुई। हालांकि ईरान युद्ध से उपजे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने रोजमर्रा के सामानों के सेगमेंट एफएमसीजी कंपनियों को दाम बढ़ाने के लिए मजबूर किया। साबुन, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट और खाद्य तेलों में 4 से 11% तक के दाम बढ़े। पैकेज्ड फूड में 3-15%, डिटर्जेंट में 5-12% और पर्सनल केयर में 5-10% की मूल्यवृद्धि हुई। आनंद राठी रिसर्च के अनुसार यह मूल्यवृद्धि किसी एक सेगमेंट तक सीमित नहीं, यह व्यापक है। हालांकि इनपुट लागत के मोर्चे पर कुछ राहत भी है। क्रूड ऑयल की कीमत 3 महीने में 29% गिरी है, कॉफी 22% (6 महीने में) सस्ती हुई है। लेकिन पॉलिप्रोपिलीन 54% और पैकेजिंग 60% महंगी हुई है, जो पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स लागत को बढ़ाए रखेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कमजोर मानसून’ की 60% और सामान्य से कम बारिश की 24% आशंका है। जून में ही 46% कम बारिश हुई है। इसका नकारात्मक असर खरीफ की पैदावार और खाद्य महंगाई पर पड़ सकता है, जो ग्रामीण खपत और एफएमसीजी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। रिटेल सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन, 7% ग्रोथ दर्ज आईसीआईसीआई डायरेक्ट के विश्लेषकों के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की पहले ढाई महीनों में रिटेल सेक्टर ने दमदार प्रदर्शन किया। कपड़ों की बिक्री 12-14% बढ़ी, जबकि अप्रैल 2026 में फूड व ग्रॉसरी 9%, रेस्टोरेंट चेन 8%, फुटवेयर 7% और समग्र रिटेल सेल्स 7% की दर से बढ़ी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सुस्ती रह सकती है। लेकिन फेस्टिव सीजन के दौरान डिस्क्रेशनरी खर्च में मजबूत वापसी की उम्मीद है। एफएमसीजी: महंगाई की मार, 5-10% बढ़े दाम इनपुट कमोडिटी 6 माह में बदलाव क्रूड ऑयल − 29%* कॉफी − 22% पाम ऑयल 15% पॉलिप्रोपिलीन 54% पैकेजिंग 60% पेंट्स 18% (क्रूड के दाम 3 माह के उतार-चढ़ाव से स्रोत- ब्लूमबर्ग, आनंद राठी रिसर्च) एसी की बिक्री का रिकॉर्ड; एलजी, वोल्टास ने बेचे 10-10 लाख यूनिट इस गर्मी में 10-12% कीमत बढ़ने के बावजूद एसी की बिक्री ने नया इतिहास रचा। एलजी इंडिया ने कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही 10 लाख एसी बेच दिए और पूरे साल 20 लाख यूनिट पार करने का लक्ष्य रखा है। वोल्टास ने वित्त वर्ष 2027 के पहले तीन महीनों में ही 10 लाख एसी बिक्री का मील का पत्थर छू लिया। एलजी के डायरेक्टर संजय चितकारा का कहना है कि एसी अब जरूरत की चीज बन गई है, लेकिन पेनिट्रेशन अभी सिर्फ 11% है।’ यानी बाजार की 89% संभावना अभी बाकी है। वोल्टॉस के एमडी मुकुंदन मेनन ने कहा कि यह मील का पत्थर ब्रांड पर उपभोक्ताओं के भरोसे और टीम की क्षमता का प्रमाण है।
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