नकली मावा खाने के नुकसान
– पर्व-त्योहारों में नकली मावा खरीदने से सावधान रहें. नकली मावा को केमिकल युक्त पदार्थों, घटिया क्वालिटी के दूध से तैयार किया जाता है. सफेद पाउडर, सिंथेटिक दूध, स्टार्च, डिटर्जेंट तक मिलाकर खोया तैयार किया जाता है. लोग इन्हें असली समझकर खरीद लेते हैं और बाद में सेहत खराब हो जाती है. इससे पेट दर्द, दस्त, उल्टी, फूड पॉइजनिंग तक हो सकती है.
असली-नकली मावा की पहचान कैसे करें?
-आपने अगर खुले में मिलने वाला खोया मार्केट से खरीद लिया है और गुझिया बनाने जा रहे हैं तो पहले मावा को अपने हाथों से मसल कर चेक करें. मुलायम, चिकना हो तो असली है. सख्त, हार्ड और चिपचिपा हो तो मिलावटी खोया हो सकता है.
-थोड़ा सा पहले टेस्ट करके देखिए. असली मावा का स्वाद दूध सा और मीठा होता है. नकली होगा तो कड़वा, फीका सा लग सकता है.
– थोड़ा सा खोया लेकर पानी में डालें. पानी में धीरे-धीरे घुल जाता है, दूध सा पानी लगे तो असली खोया है. नकली खोया पानी में जाकर पानी को बहुत अधिक सफेद और गाढ़ा बना दे तो ये नकली है.
– एक छोटा सा टुकड़ा लें. इसे गैस पर जलाकर देखिए. अगर जलने पर खुशबू दूध जैसी आए तो असली खोया है. नकली खोया से प्लास्टिक या केमिकल जैसी स्मेल आ सकती है.
-मिलावट करने के लिए स्टार्च भी डाला जाता है. मावे में स्टार्च है या नहीं इसे जानने के लिए एक बर्तन में गर्म पानी लें. इसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डाल दें. अब मावे का एक छोटा सा टुकड़ा डालकर देखें कि कहीं वह नीला तो नहीं हो गया. नीला दिखे तो स्टार्च मिला हुआ है.
-असली मावा का रंग हल्का क्रीम या ऑफ-वाइट सा होता है, नकली देखने में बहुत अधिक सफेद और चमकीला होता है. छूने पर बहुत चिकना सा लगता है, लेकिन असली मावा दरदरा सा होगा.
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