1. घर पर सावजी मसाला बनाएं
सावजी मटन की असली खासियत इसका मसाला है। बाज़ार से रेडीमेड पाउडर इस्तेमाल करने के बजाय, घर पर ही मसाला भूनकर पीस लें. इसमें लगभग 32 तरह के मसाले इस्तेमाल होते हैं, लेकिन मुख्य हैं खसखस, गुठली, बड़ी इलायची और नागकेसर। मसालों को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक वे गहरे भूरे न हो जाएं, लेकिन ध्यान रखें कि वे जलें नहीं.
2. भुना हुआ प्याज और नारियल का पेस्ट
सावजी की ग्रेवी का रंग गहरा काला-भूरा होता है. प्याज और सूखे नारियल को सीधे गैस पर या बिना तेल वाले पैन में तब तक भूनें जब तक वे काले न हो जाएं। इस भुने हुए मिक्सचर को पीसकर मसाले में मिला दें। इस तरीके से ग्रेवी को उसका गहरा रंग और स्मोकी फ्लेवर मिलता है.
3. तेल का सही चुनाव
सावजी मटन अपनी ‘तरी’ (तेल की परत) के लिए मशहूर है। इसके लिए पारंपरिक रूप से अलसी का तेल इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन आप सरसों का तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं। थोड़ा और तेल डालें. जब मटन को मसालों के साथ धीमी आंच पर रोस्ट किया जाता है, तो तेल ऊपर की ओर फैलने लगता है, जो इसके असली स्वाद की पहचान है.
4. मटन रोस्ट करना और गर्म पानी
मटन को कभी भी सीधे न रोस्ट करें। पहले, इसे मसालों के साथ धीमी आंच पर कम से कम 20-25 मिनट तक रोस्ट करें (जिसे ‘भुनना’ कहते हैं). मटन को पिघलाने के लिए पानी डालते समय, हमेशा उबलता हुआ गर्म पानी इस्तेमाल करें. ठंडा पानी डालने से मटन सख्त हो जाता है और मसालों का टेक्सचर खराब हो जाता है.
5. आयरन जिंक का इस्तेमाल
नागपुर के असली सावजी रेस्टोरेंट में, खाना बड़े लोहे के बर्तनों में पकाया जाता है. हो सके तो, मटन को आयरन-बेस्ड दालचीनी में मैरीनेट करें. इससे ग्रेवी का रंग गहरा होता है और थोड़ी खुशबू आती है.
सावजी मटन जल्दबाजी में बनने वाली डिश नहीं है, यह सब्र का खेल है. मसालों का धीरे-धीरे फायदेमंद असर और मटन का अपना जूस इसे असली “झंझनीट” फ्लेवर देता है. इसे गरमागरम ज्वार भाकरी के साथ सर्व करें.
Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए News-18 जिम्मेदार नहीं होगा.
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