Ram Mandir Earning: अयोध्या का राम मंदिर पिछले कई दिनों से विवादों से घिरा हुआ है. जब से राम लला को मिलने वाले दान की नकदी, चरण पादुकाएं और अन्य चीजों के चोरी होने का मामला सामने आया है, इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. इस मामले के सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट की कमाई पर भी सवाल उठ रहे हैं. कई लोगों को कहना है कि मंदिर में सबसे ज्यादा कमाई चंदा और दान से ही होती है, हालांकि ये सच्चाई तो कुछ और ही है.
चंदा नहीं निवेश है कमाई का जरिया
अयोध्या स्थित राम मंदिर की कमाई का जरिया केवल चंदा ही नहीं हैं, बल्कि मंदिर के नाम पर किए गए निवेश से यहां सबसे ज्यादा कमाई होती है. इस बारे में हाल ही में मंदिर के ट्रस्ट के अकाउंट्स के जरिए पता चला है. दरअसल राम मंदिर के जिन अकाउंट्स का अब तक ऑडिट नहीं हुआ था, उनसे पता चला है कि वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट को ब्याज से 151.80 करोड़ रुपये की कमाई हुई है.
दान से ज्यादा है निवेश का ब्याज
इस आंकड़े से पता चलता है कि मंदिर को मिली दान की रकम से ज्यादा कमाई मंदिर के निवेश पर मिले ब्याज से हुई है. मंदिर को श्रद्धालुओं से मिला स्वैच्छिक दान 149.36 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. इसका मतलब है कि अब ट्रस्ट की निवेश की गई रकम से होने वाली कमाई, नए दान से भी ज्यादा हो गई है.
कितनी है ट्रस्ट की कुल संपत्ति?
इन आंकड़ों के मुताबिक, ट्रस्ट की कुल संपत्ति (कॉर्पस फंड) 1,876.30 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. इसमें से 1,771.22 करोड़ रुपये यानी करीब 94% राशि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश की गई है. इसके अलावा ट्रस्ट के पास 2.57 एकड़ जमीन, 323 किलोग्राम सोना, 751.98 किलोग्राम चांदी और वित्त वर्ष के अंत तक 7.74 लाख रुपये नकद भी मौजूद थे.
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बता दें कि इन दिनों मंदिर में चंदा चोरी विवाद काफी चर्चा में है, जिसके लिए SIT की टीम गठित की है जो मामले की जांच कर रही है. ये आंकड़ें भी इसी जांच के दौरान सामने आए हैं. एक तरफ जहां मंदिर को मिलने वाले दान की जांच चल रही थी, तो वहीं दूसरी ओर मंदिर समिति ने इसके फाइनेंस, इनवेस्टमेंट और खर्चों का हिसाब- किताब भी जोड़ लिया है.
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