दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल एप्पल ने चिप निर्माण और आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ब्रॉडकॉम के साथ 30 अरब डॉलर से अधिक का दीर्घकालिक समझौता किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह साझेदारी वर्ष 2031 तक लागू रहेगी और इसके तहत अमेरिका में बड़े स्तर पर वायरलेस संचार के लिए इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक चिप का निर्माण किया जाएगा।
बता दें कि इस समझौते की जानकारी पहले ब्रॉडकॉम ने दी थी। कंपनी ने बताया था कि उसे वर्ष 2031 तक के लिए एप्पल से दीर्घकालिक चिप आपूर्ति का अनुबंध मिला है। अब एप्पल ने भी इस समझौते की पुष्टि करते हुए बताया है कि इसमें एफबीएआर फिल्टर नाम की विशेष रेडियो आवृत्ति चिप शामिल है। यह चिप मोबाइल और अन्य उपकरणों में वायरलेस संचार को बेहतर बनाने का काम करती है और तेज तथा स्थिर नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
गौरतलब है कि एप्पल और ब्रॉडकॉम इस तकनीक पर कम से कम वर्ष 2023 से मिलकर काम कर रहे हैं। अब यह साझेदारी बड़े पैमाने पर उत्पादन के चरण में पहुंच गई है। कंपनी के अनुसार इस समझौते के तहत कम से कम 15 अरब चिप तैयार की जाएंगी, जिनका उपयोग भविष्य के कई उत्पादों में किया जाएगा।
इस परियोजना के तहत ब्रॉडकॉम अमेरिका के कोलोराडो राज्य के फोर्ट कॉलिन्स स्थित अपने कारखाने के विस्तार पर लगभग 1.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी। कारखाने के विस्तार से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका सरकार लगातार देश के भीतर चिप निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं और विदेशी देशों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां अब घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में निवेश कर रही हैं। एप्पल का यह समझौता भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने कहा कि फोर्ट कॉलिन्स में तैयार होने वाले अत्याधुनिक पुर्जे कंपनी के उत्पादों की बेहतर क्षमता और मजबूत कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी अमेरिका स्थित आपूर्तिकर्ताओं के साथ अपने निवेश को और मजबूत करने पर गर्व महसूस करती है। साथ ही उन्होंने इस परियोजना को समर्थन देने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता केवल दो कंपनियों के बीच कारोबारी साझेदारी नहीं है, बल्कि अमेरिका में अर्धचालक उद्योग को मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा भी है। यदि उत्पादन तय समय के अनुसार आगे बढ़ता है तो इससे एप्पल की भविष्य की उत्पाद श्रृंखला को स्थिर आपूर्ति मिलेगी और वैश्विक चिप बाजार में अमेरिका की स्थिति भी पहले से अधिक मजबूत हो सकती है। आने वाले वर्षों में इस समझौते का असर प्रौद्योगिकी उद्योग और वैश्विक चिप आपूर्ति व्यवस्था दोनों पर देखने को मिल सकता है।
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