राजीव खंडेलवाल ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया, जिसे सुनकर हर कोई मुस्कुरा उठा. पत्नी मांजिरी कामतिकर के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए उन्होंने कुछ ऐसे पल साझा किए, जहां प्यार के साथ परिवार की मजेदार बातें भी जुड़ी रहीं. उनके इस किस्से में कई ऐसे पल थे जो आसानी से किसी का भी ध्यान खींच लें… आइए जानते हैं.
एक्टर और होस्ट राजीव खंडेलवाल आमतौर पर अपनी निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा बातें नहीं करते हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपनी शादी और रिश्ते से जुड़ी कई प्यारी बातें शेयर कीं. दरअसल, शो ‘तुम हो ना – घर की सुपरस्टार’ के आने वाले ‘शादी स्पेशल’ एपिसोड में राजीव खंडेलवाल अपनी पत्नी मांजिरी कामतिकर के साथ अपने रिश्ते और शादी के शुरुआती दिनों को याद करते नजर आएंगे.
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कैसे वो शादी से पहले छिपकर मिलते थे दोनों?
शो के दौरान कंटेस्टेंट नीलम ने जब राजीव खंडेलवाल से उनकी शादी की कहानी पूछी, तो उन्होंने बताया कि शादी से पहले वो और मंजिरी छिपकर मिला करते थे. उन्होंने कहा, ‘उस समय हम दोनों अपने रिश्ते को काफी निजी रखना चाहते थे. यहां तक कि हमने अपनी शादी में भी ज्यादा लोगों को नहीं बुलाया था. मेरे लिए दिखावे से ज्यादा रिश्ते की सच्चाई मायने रखती थी.’
मंजिरी के पिता को पता चला तो बुलाया मिलने
इसी दौरान उन्होंने एक दिलचस्प घटना का जिक्र किया, जब मंजिरी के पिता को उनके रिश्ते के बारे में पता चला. राजीव ने कहा, ‘जैसे ही मेरे ससुर को ये जानकारी मिली कि हम दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं, उन्होंने तुरंत मुझको मिलने के लिए बुलाया. लेकिन बुलावा आने से पहले ही मैं खुद वहां पहुंच गया था. मंजिरी के पिता ने सीधे मुझसे पूछा कि आगे की क्या प्लानिंग है. मैंने जवाब दिया कि अभी तो हम दोनों सिर्फ एक-दूसरे को समझ रहे हैं और डेट कर रहे हैं.’
सगाई की तारीख जल्दी तय हो गई
उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे ससुर ने पूछा कि शादी कब करोगे. तो मैंने जवाब दिया कि जल्द ही करेंगे. फिर तुरंत सगाई की तारीख पूछ ली गई. मेरे मन में था कि कुछ महीनों बाद की तारीख देंगे ताकि रिश्ते को थोड़ा और समय मिल सके, क्योंकि उस समय मुझे साथ रहते हुए सिर्फ डेढ़ साल ही हुआ था. लेकिन परिवार की तरफ से तारीख जल्दी तय करने का दबाव बढ़ता गया और आखिरकार 16 मई को हमारी सगाई तय हो गई.’
अंगूठी पहनाते ही शुरू हो गई शादी की तारीख की बात
राजीव ने सगाई का एक और मजेदार किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा, ‘जब मैं मंजिरी को अंगूठी पहना रहा था, तभी वहां बैठे लोगों ने शादी की तारीख भी घोषित करने के लिए कहना शुरू कर दिया. वहां सब कुछ उल्टा हो रहा था. मेरे ससुर वहीं बैठे थे और लगातार तारीख पूछ रहे थे. मैंने एक साल बाद की तारीख बताई, लेकिन मेरे ससुर बोले कि तारीख इससे पहले की तय करो. फिर मैंने दस महीने बाद की बात कही, लेकिन जवाब फिर वही मिला कि इसे और कम करो. आखिरकार समझौता करना पड़ा और शादी की तारीख तय करनी पड़ी.’
सादगी से शादी करना चाहते थे राजीव
बातचीत के दौरान राजीव ने कहा, ‘मुझे हमेशा से सादगी पसंद रही हैं. मैं उन लोगों में से था, जो चाहता था कि शादी जल्दी और बिना ज्यादा खर्च के पूरी हो जाए. मेरी इच्छा थी कि शादी सिर्फ एक घंटे में खत्म हो जाए और उस पर ज्यादा पैसा खर्च न किया जाए. लेकिन जैसे-जैसे तैयारियां शुरू हुईं, मामला एक बड़े पारिवारिक आयोजन में बदलता चला गया.’
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मेहमानों को लेकर चलती रही मजेदार नोकझोंक
उन्होंने कहा, ‘शादी की प्लानिंग के दौरान हमारे परिवारों के बीच मेहमानों और तैयारियाँ को लेकर मजेदार खींचतान चलती रहती थी. कोई रिश्तेदार कहता कि और लोगों को बुलाओ, तो कोई कहता कि और कमरे बुक करने होंगे. धीरे-धीरे 100 कमरों की प्लानिंग बढ़कर 150 कमरों तक पहुंच गई. लड़की वालों की तरफ से कहा जाता कि कुछ और मेहमान आने वाले हैं, जबकि लड़के वालों की तरफ से संख्या कम करने की कोशिश होती थी. यही छोटी-छोटी बातें बाद में सबसे प्यारी यादें बन गई.’
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