लड़ाई रूस की यूक्रेन से ना होते हुए अब वो यूरोप से सीधे तौर पर छिड़ जाए क्योंकि यूक्रेन को लगातार फ्यूल करता रहा है यूरोप और यूक्रेन अमेरिका यूरोप के बिहाफ पर रूस से लड़ाई लड़ता रहा। लेकिन कुछ ऐसे घटनाक्रम घटित हो गए हैं जिससे रूस और यूरोप सीधा-सीधी टक्कर की स्थिति में हैं। रूस यूक्रेन युद्ध चल रहा था। तमाम तरह के बयानात आ रहे थे, धमकियां आ रही थी और इन सबके बीच आरोप है कि रूस का एक ड्रोन उड़ता है और वो उड़ते-उड़ते यूरोपीय देश में चला जाता है और कहां पहुंचता है? रोमानिया में। वहां जाकर एक बिल्डिंग से टकराता है। धमाका होता है। बवाल पूरी दुनिया में छिड़ जाता है। इस पूरे तनाव के बीच में नाटो देश तक यह जो युद्ध पहुंचता दिख रहा है वो इसलिए क्योंकि रोमानिया में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग पर रूसी ड्रोन गिरने की घटना ने पूरे यूरोप को आग बबूला कर दिया है। यह हमला यूक्रेन सीमा से लगे यू रोमानिया में गलाती इलाके में हुआ है। बताया जाता है कि इससे दो लोग घायल भी हुए।
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रोमानिया नाटो का सदस्य है। लेकिन इस घटना को केवल सीमा विवाद नहीं बल्कि यूरोपीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। रोमानिया सरकार ने इस घटना को बेहद गंभीर गैर जिम्मेदाराना कारवाई बताया है। रोमानिया के विदेश मंत्रालय का आरोप है कि रूस लगातार यूरोपीय सीमाओं के पास तनाव बढ़ा रहा है। घटना के बाद रोमानिया ने रूस के राजदूत को तलब किया। नाटो से अतिरिक्त एंटी ड्रोन सुरक्षा प्रणाली भेजने की मांग की और रूस के खिलाफ कारवाई कर रहा है। यूरोप की प्रतिक्रिया भी बहुत तलखा आई और यूरोप के नाटो महासचिव मार्क रूटे ने कहा कि गठबंधन अपने सभी सदस्य देशों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्षा उर्सला वन डेरलेन ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। कई यूरोपीय नेताओं ने कहा है कि ऐसे हमले जारी रहे तो रूस के खिलाफ और सख्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
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एक नए सेक्ट ऑफ सेंशंस की तैयारी है। नाटो प्रवक्ता ने साफ तौर पर कहा है कि संगठन अब ड्रोन खतरों के खिलाफ अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा। रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशेर डेन ने इसे अब तक की सबसे गंभीर घटना बताया है और कहा है कि रूस को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। इस घटना के बाद रोमेनिया ने अपनी वायु संरक्षा प्रणाली को हाई अलर्ट पर कर दिया है। लड़ाकू विमानों को भी तैनात किया है। हालांकि रूस ने इन आरोपों को सीधे तौर पर स्वीकारा नहीं है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि युद्ध के कार्य दौरान जो है कई बार ड्रोन रास्ता भी भटक जाते हैं और सीमा पार हो जाता है। रूस समर्थक नेताओं ने यह भी कहा है कि पश्चिम देश इस घटना को बढ़ा चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।
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