ये दोनों लिमोसिन दुनिया के सबसे सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम के साथ भारी कवच को जोड़ती हैं, जिससे नेता चलते समय सेफ और कनेक्टेड रहते हैं। चलिए हम आपको इन दोनों कारों की खास बातें बताते हैं।
पुतिन की ऑरस सीनेट
पुतिन 2018 से ही ऑरस सीनेट में चल रहे हैं। उन्होंने पहले रूसी राष्ट्रपति पद द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली मर्सिडीज-बेंज S600 गार्ड पुलमैन को रिप्सेस किया था। इस कार को देश के शीर्ष अधिकारियों के लिए घरेलू स्तर पर तैयार व्हीकल के प्रोडक्शन के लिए रूस की कोरटेज स्कीम के तहत डेवलप किया गया था। सीनेट L700 लगभग 7 मीटर लंबी है और इसका वजन कई टन है। इसका अधिकांश हिस्सा इसके कवच और सेफ्टी इक्युपमेंट्स से लैस है।
यह 4.4-लीटर ट्विन-टर्बो V8 हाइब्रिड इंजन द्वारा ऑपरेटेड है, जो लगभग 598 हॉर्सपावर और 880 एनएम टॉर्क का जनरेट करता है, जिसे 9-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और ऑल-व्हील ड्राइव के साथ जोड़ा गया है। इसमें सुरक्षा के हाई लेवल को क्लासिफाइड किया गया है, लेकिन बताया गया है कि सीनेट हाई कैलिबर और कवच-भेदी गोलियों का सामना करने में सक्षम है। इसकी खिड़कियों में कई सेंटीमीटर मोटे मल्टी-लेयर बुलेट-प्रूफ ग्लास का उपयोग किया गया है।
इसमें रन-फ्लैट टायर, एक रेनफोर्स्ड फ्यूल टैंक और विस्फोटों के खिलाफ अंडरबॉडी सुरक्षा भी है। कथित तौर पर यदि इस कार पर किसी तरह का केमिकल अटैक भी किया जाता है तब इसके केबिन के अंदर दिया गया ऑक्सीजन और फिल्टरेशन सिस्टम उसे रोक लेता है। साथ ही, ये फायर सेप्रेशन सिस्टम से भी लैस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल चीन में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन के साथ ऑरस सीनेट की यात्रा की थी।
सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम पुतिन को यात्रा के दौरान अधिकारियों के संपर्क में रहने की परमिशन देता है। पीछे के केबिन में गर्म और हवादार मसाज सीटें, डिजिटल स्क्रीन, वर्क टेबल, एक रेफ्रिजरेटर और एक प्राइवेट पार्टिसन है। एक सिविलियन सीनेट की लागत लगभग 18 मिलियन रूबल यानी लगभग 2.5 करोड़ रुपए है। पुतिन के प्रेसिडेंट वर्जन में अतिरिक्त सेफ्टी सिस्टम लगाए गए है, जो रूस में दूसरे लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है।
XI’S होंगकी N701
शी की कार हांगकी या “रेड फ्लैग” से आती है, जो चीन के राजनीतिक नेतृत्व के लिए कारों के निर्माण के लिए 1958 में फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स द्वारा स्थापित एक ब्रांड है। ये हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट्स अब हांगकी एN701 से जुड़ी हुई हैं। हालांकि, चीन ने लिमोसिन के बारे में कुछ ऑफिशियल डिटेल जारी किए हैं। अनुमान है कि N701 18 फीट से अधिक लंबी और तीन टन से अधिक वजनी है। ऐसा माना जाता है कि इसमें भारी कवच, बुलेट-प्रूफ ग्लास और मजबूत बॉडीवर्क के साथ-साथ इंडीपेंटेड लाइफ-सपोर्ट और सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम मिलता है।
ऑरस के विपरीत, इसमें N701 की बेसिट मैकेनिकल स्पेसिफिकेशंस भी काफी हद तक अननॉन हैं। चीन ने आधिकारिक तौर पर अपने इंजन, पावर आउटपुट या बैलिस्टिक सुरक्षा के सटीक स्तर का खुलासा नहीं किया है। लिमोजीन का प्रोडक्शन बहुत सीमित संख्या में किया जाता है और यह प्राइवेट खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं है। होंगकी का अपनी अन्य प्रमुख कारों, L5 के माध्यम से भी भारत से सीधा संबंध है।
पीएम मोदी ने 2025 में SCO शिखर सम्मेलन के लिए तियानजिन की अपनी यात्रा के दौरान हांगकी L5 में यात्रा की थी। शी ने इससे पहले महाबलीपुरम में पीएम के साथ अनौपचारिक बातचीत के लिए अपनी 2019 की भारत यात्रा के दौरान L5 का इस्तेमाल किया था। L5 5.5 मीटर से अधिक लंबी है और इसका वजन तीन टन से अधिक है। इसे 6.0-लीटर V12 के साथ पेश किया गया है जो 400 हॉर्सपावर से जनरेट करता है। कथित तौर पर ये करीब 210 Km/h की स्पीड तक पहुंच सकती है। इसके केबिन में लेदर सीटें, लकड़ी और जेड डिटेलिंग, गर्म और हवादार मसाज सीटें और एंटरटेनमेंट स्क्रीन दी हैं। L5 की कीमत करीब 5 मिलियन युआन यानी करीब 7 करोड़ रुपए है।
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