केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को शिक्षा मंत्रालय का पदभार संभाल लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर प्रह्लाद जोशी को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। वे अपने मौजूदा ‘उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय’ के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय का कामकाज भी देखेंगे। शनिवार को राष्ट्रपति भवन से आदेश जारी होने के एक दिन बाद उन्होंने मंत्रालय पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली।
पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा जिम्मेदारी
शिक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरना ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि वह पूरी विनम्रता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार और देश की उम्मीदों को पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेंगे।
New Delhi: Union Minister Pralhad Joshi takes additional charge of the Ministry of Education.
(Source: Ministry of Education) pic.twitter.com/NrYUvSGaFM
— ANI (@ANI) July 26, 2026
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नीट विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को नीट यूजी पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के बढ़ते गुस्से के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में छात्र उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की बात नहीं है और पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम से वे काफी आहत हुए हैं। उन्होंने पीएम मोदी के मार्गदर्शन और पिछले 12 सालों की सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री का आभार भी जताया।
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कौन हैं नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी पहले से ही केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ सीट से पांच बार के सांसद हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का बेहद करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता है। अब उनके पास शिक्षा मंत्रालय से जुड़े बड़े नीतिगत फैसलों और सुधारों को आगे बढ़ाने की अहम जिम्मेदारी होगी।
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