सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में कथित विदेशी फंडिंग से जुड़े दावे विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के बयानों से जोड़े गए थे. अब इस पर मंत्रालय की तरफ से बयान जारी किया गया है. उन्होंने इस तरह के पोस्ट को गुमराह करने वाला बताया.
गलत तरीके से पेश किया गया था विदेश मंत्रालय का बयान
दरअसल, दो हफ्ते पहले होने वाली मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उनके असली बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था. एक्स पर पोस्ट करते मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने कहा है कि यह पोस्ट गुमराह करने वाला है. प्रवक्ता के बयान को गलत तरीके से पेश करता है.
क्या बोले विदेश मंत्री के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
विदेश मंत्रालय ने यह पोस्ट ऐसे वक्त किया, जिसमें प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था. ‘मुझसे कई बार सीजेपी के विरोध प्रदर्शन की फंडिंग के बारे में पूछा गया है. मैं कहना चाहता हूं कि हमारी खुफिया जानकारी और जांच से पता चलता है कि इसमें कोई विदेशी फंडिंग नहीं है.’
The post is misleading and misrepresents the statement of the Spokesperson.
At the BiWeekly briefing on Friday, the Spokesperson stated the following ” Madhu, regarding the point you raised about allegations of foreign funding and other such claims in connection with the… pic.twitter.com/oZsc5fb9oz
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) July 26, 2026
प्रवक्ता ने कहा था, ‘विदेशी फंडिंग के आरोपों और चल रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़े अन्य दावों के बारे में आपने जो बात उठाई है, उसके संबंध में मैं यह कहना चाहूंगा कि इस समय मेरे पास आपके साथ साझा करने के लिए इस मामले में किसी तरह की जानकारी नहीं है.’
MEA ने कहा, ‘वायरल पोस्ट ने प्रवक्ता की बातों को गलत तरीके से पेश किया. ऐसा बयान को उनसे जोड़ा, जो दिया ही नहीं गया था, साथ ही दोहराया कि आधिकारिक जवाब बस इतना था कि उस समय इस मामले पर साझा करने के लिए किसी तरह की जानकारी नहीं थी. लगभग पचास दिन चले आंदोलन के बाद शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था.’
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