पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने PNB AI समिट 2026 का आयोजन किया। इस समिट में पॉलिसी बनाने वाले, रेगुलेटर, इंडस्ट्री लीडर्स, एकेडेमिया, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, फिनटेक इनोवेटर्स और साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स एक साथ नजर आए।
इस समिट में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज़ और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर के भविष्य को आकार देने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजीज़ और साइबर सिक्योरिटी की क्रांतिकारी भूमिका पर चर्चा की गई ।
PNB के MD और CEO अशोक चंद्र समेत बड़े-बड़े दिग्गज रहे मौजूद
2 दिन की इस समिट की शुरुआत DFS के एडिशनल सेक्रेटरी देबाशीष प्रस्टी ने की। इस मौके पर PNB के MD और CEO अशोक चंद्र, IBA के चीफ एग्जीक्यूटिव अतुल कुमार गोयल, भारत सरकार के साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के नेशनल क्वांटम मिशन के QTC हेड JBV रेड्डी, IS एडवाइजर गुलशन राय और IIT कानपुर के डीन डॉ. प्रतीक सेन भी मौजूद थे।
मुख्य अतिथि और MD समेत तमाम दिग्गजों ने क्या कहा?
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और DFS के अतिरिक्त सचिव देबाशीष प्रस्टी ने समिट को संबोधित किया और बैंकिंग में AI को अपनाने और राष्ट्रीय ‘इंडिया AI मिशन’ के बीच तालमेल बिठाने पर जोर दिया।
MD और CEO अशोक चंद्र ने अपने स्वागत भाषण में, कस्टमर सर्विस, ऑपरेशनल दक्षता, रिस्क मैनेजमेंट और फाइनेंशियल समावेशन को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जेनरेटिव AI और एजेंटिक AI का इस्तेमाल करने के PNB के विजन पर प्रकाश डाला।
भारत सरकार के साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के नेशनल क्वांटम मिशन के QTC हेड JBV रेड्डी ने क्वांटम-सेफ बैंकिंग और भविष्य के लिए तैयार साइबर सुरक्षा आर्किटेक्चर की अहमियत पर बात की।
IBA के चीफ एग्जीक्यूटिव अतुल कुमार गोयल ने पूरे बैंकिंग इकोसिस्टम में मिलकर इनोवेशन करने और साइबर रेज़िलिएंस (साइबर हमलों से निपटने की क्षमता) के महत्व पर ज़ोर दिया।
‘साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन 2026’ का हुआ सफल समापन
समिट की एक खास बात ये रही कि ‘साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन 2026’ का सफल समापन हुआ। इसे पंजाब नेशनल बैंक ने वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल सर्विसेज़ (DFS) की देखरेख में, PSB की हैकाथॉन सीरीज़ 2026 के तहत आयोजित किया था।
PNB ने IIT कानपुर के साथ मिलकर “पब्लिक-फेसिंग एप्लिकेशन के लिए क्वांटम-प्रूफ सिस्टम” थीम पर साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन 2026 आयोजित किया। इस हैकाथॉन में प्रतिभागियों को एक ऐसा ऑटोमेटेड सॉल्यूशन बनाने की चुनौती दी गई जो पब्लिक-फेसिंग एप्लिकेशन का आकलन कर सके, क्रिप्टोग्राफिक इम्प्लीमेंटेशन की पहचान कर सके, पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) की तैयारी को वेरिफाई कर सके और क्रिप्टोग्राफिक बिल ऑफ़ मैटेरियल्स (CBOM) तैयार कर सके।
PNB साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन 2026 के विजेताओं को उनके इनोवेटिव सॉल्यूशन के लिए नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया; इन सॉल्यूशन ने उभरते साइबर खतरों से निपटने और बैंकिंग सेक्टर की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद की।
AI एक्सपीरियंस जोन का हुआ दौरा
इस दौरान AI एक्सपीरियंस जोन का दौरा हुआ, जिसमें प्रमुख फिनटेक, हाइपरस्केलर, टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और नॉलेज पार्टनर्स के लगभग 20 कियोस्क शामिल थे। इनमें AWS, Microsoft और Google जैसे जाने-माने नाम भी थे, जिन्होंने अत्याधुनिक AI, GenAI, साइबर सिक्योरिटी, एनालिटिक्स और कस्टमर सर्विस सॉल्यूशन दिखाए।
टेक्निकल सेशन में AI-आधारित बैंकिंग के भविष्य पर चर्चा हुई और बातचीत में AI-संचालित डिजिटल पेमेंट और धोखाधड़ी से बचाव, AI-फर्स्ट बैंक का उदय, “AI फॉर भारत” के लिए मल्टीलिंगुअल AI मॉडल और ज़िम्मेदार AI अपनाने के लिए ज़रूरी गवर्नेंस फ्रेमवर्क जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
एक्सपर्ट्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि AI अब एक्सपेरिमेंट के दौर से निकलकर बड़े पैमाने पर बदलाव (एंटरप्राइज़-स्केल ट्रांसफॉर्मेशन) की ओर बढ़ रहा है और बैंकिंग ऑपरेशन्स में एक बुनियादी क्षमता बन जाएगा।
दोपहर के सेशन में AI-फर्स्ट दुनिया में भारतीय बैंकिंग के लिए ज़रूरी रणनीतिक बातों पर ध्यान दिया गया। इंडस्ट्री के लीडर्स ने AI को ‘प्रूफ ऑफ़ कॉन्सेप्ट’ से आगे बढ़ाकर बड़े पैमाने पर लागू करने, मापने लायक बिज़नेस असर डालने और भारत के बड़े स्तर पर पर्सनलाइज़्ड बैंकिंग अनुभव बनाने पर चर्चा की। DBS जैसे बड़े संस्थानों के ग्लोबल नज़रिए ने AI का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए मज़बूत गवर्नेंस, वर्कफ़ोर्स में बदलाव, साइबर सिक्योरिटी और ऑपरेशनल मज़बूती के महत्व पर ज़ोर दिया।
पहले दिन का मुख्य संदेश यह था कि AI, GenAI और एजेंटिक AI बैंकिंग को पूरी तरह से बदल देंगे, और सफलता इनोवेशन के साथ-साथ भरोसे, गवर्नेंस, सिक्योरिटी और ज़िम्मेदारी से इसे अपनाने के बीच संतुलन बनाने पर निर्भर करेगी। इस समिट ने पॉलिसी बनाने वालों, शिक्षाविदों, टेक्नोलॉजी लीडर्स, फिनटेक इनोवेटर्स और बैंकिंग अधिकारियों को एक मंच पर सफलतापूर्वक इकट्ठा किया, जिससे भारतीय बैंकिंग सेक्टर में AI-आधारित बदलाव लाने के PNB के विजन को और मजबूती मिली।
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