प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को एक नये वीडियो संदेश में कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रश्नपत्र लीक गिरोहों और माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। मोदी ने कहा कि इस समस्या से निपटने के सरकार के प्रयासों के तहत संसद के दोनों सदनों ने एक मजबूत प्रश्नपत्र लीक रोधी विधेयक पारित किया है। ‘इंस्टाग्राम’ पर जारी वीडियो संदेश में मोदी ने कहा कि अलग-अलग परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं का होना न सिर्फ छात्रों, बल्कि केंद्र और कई राज्यों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
उन्होंने कहा कि इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव करना जरूरी हो गया है। मोदी ने कहा, ‘‘केंद्र और राज्य कई वर्षों से प्रश्नपत्र लीक की समस्या का सामना कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि सरकार एक प्रभावी परीक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रश्नपत्र लीक गिरोहों, माफियाओं और इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।’’
सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि एक कार्य बल का गठन किया गया है, त्वरित अदालतें स्थापित की जा रही हैं और परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने तथा अनियमितताओं को रोकने के लिए राज्यों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि छात्रों को समान और निष्पक्ष अवसर मिले। मोदी ने कहा, ‘‘प्रश्न पत्र लीक की घटनाओं को बेरोकटोक जारी नहीं रहने दिया जाएगा। इस समस्या के खिलाफ हमारा अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।’’
इससे पहले बृहस्पतिवार को संसद ने प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसमें सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने कहा कि वह देश का भविष्य माने जाने वाले छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ विधेयक को राज्यसभा ने विपक्षी दलों के सदस्यों के बहिर्गमन के बीच ध्वनि मत से पारित कर दिया।
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