प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने के आग्रह के चलते, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने का कारण लगातार बढ़ती मांग के साथ और भी मजबूत हो रहा है। जनवरी-अप्रैल अवधि में ईवी की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और अप्रैल में भी मांग बनी रही। कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी भी बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गई है, जो बाजार में इनकी बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है।
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अप्रैल में 23,506 ईवी बेची गईं और टाटा मोटर्स, जेएसडब्ल्यू एमजी और महिंद्रा शीर्ष तीन कंपनियों में शामिल हैं, जिनकी ईवी की बिक्री लगातार बढ़ रही है। बिक्री में वृद्धि करने वाली कंपनियों में विनफास्ट भी शामिल है, जिसकी बिक्री लगातार बढ़ रही है, साथ ही नई कंपनी मारुति सुजुकी भी ई-विटारा के साथ ईवी सेगमेंट में प्रवेश कर चुकी है। बीवाईडी और हुंडई जैसी अन्य कंपनियों की बिक्री में भी वृद्धि देखी गई है।
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इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती मांग और वृद्धि का मुख्य कारण ईंधन की बढ़ती लागत, रखरखाव में आसानी, चार्जिंग की कम लागत और इनके त्वरित टॉर्क के कारण बेहतर परफॉर्मेंस है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पेट्रोल कारों के मुकाबले ईवी की कीमतों में अंतर भी कम हो रहा है, जिससे इनकी मांग में और भी वृद्धि हुई है। सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक वाहनों में टाटा मोटर्स की नई पंच, नेक्सन और हैरियर ईवी के साथ-साथ महिंद्रा की एक्सईवी 9ई और एक्सईवी 9एस और एमजी विंडसर शामिल हैं, जबकि विनफास्ट वीएफ7 और मारुति सुजुकी की ईविटारा भी तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रही हैं।
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