प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष को महिला-विरोधी करार दिए जाने पर कई नेताओं ने कड़ी आलोचना की. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राष्ट्र के नाम संबोधन को पक्षपातपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि एक मौजूदा प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन पवित्र होता है और यह एक निष्पक्ष संबोधन होता है जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय संकल्प और आत्मविश्वास को बढ़ाना होता है.
जयराम रमेश ने साधा निशाना
उन्होंने पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को दयनीय पक्षपातपूर्ण और विवादास्पद हमला करार दिया. उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय संबोधन के बजाय एक संकट संबोधन प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिक उपयुक्त होता, लेकिन कल रात लोकसभा में उन्हें जिस असाधारण विधायी अपमान का सामना करना पड़ा, उससे वे इतने विचलित हैं कि गैर-गृहस्थ प्रधानमंत्री अभी भी मीडिया का सामना करने से डरते हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संवैधानिक संशोधन की विफलता के लिए माफी मांगी है, हालांकि उन्हें महिलाओं के नाम पर एक कपटपूर्ण परिसीमन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के अपने बेशर्म, कपटपूर्ण प्रयासों के लिए माफी मांगनी चाहिए थी. जयराम रमेश ने कहा कि उनकी नियत बिल्कुल भी साफ नहीं है. अगर कोई उनकी नियत की जांच करे तो उसे बस यही पूछना होगा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जिसे सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था, उसे 30 महीने की देरी के बाद 16 अप्रैल 2026 की देर रात ही अधिसूचित क्यों किया गया.
क्या बोलीं महुआ मोइत्रा?
इसके अलावा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन पर हमला करते हुए इसे ड्रामाबाजी करार दिया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कह कहा, ‘आपका ड्रामा और गोदी मीडिया की स्क्रिप्ट सच्चाई को नहीं छुपा पाएगी. महिलाओं के लिए आरक्षण 2023 में ही पारित हो चुका है और दो दिन पहले अधिसूचित भी हो चुका है. आपको इसे अभी लागू करने और टीएमसी की तरह 543 सीटों में से एक तिहाई सीटें महिलाओं को देने से कोई नहीं रोक सकता.’
खरगे ने पीएम मोदी को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में अपनी पार्टी का जिक्र कितनी बार हुआ, इसकी गिनती करते हुए बताया कि इसकी संख्या 59 थी. खरगे ने कहा कि मोदी जी ने कांग्रेस का जिक्र 59 बार किया और महिलाओं का जिक्र तो बस कुछ ही बार. इससे देश को उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सब कुछ पता चल जाता है. उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं बीजेपी की प्राथमिकता नहीं हैं. कांग्रेस है, क्योंकि कांग्रेस इतिहास के सही पक्ष में खड़ी है.
ये भी पढ़ें
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.