यह मैसेज उन लोगों को ज्यादा आ रहे हैं जिन्होंने अपनी कुल कमाई, टैक्स में मिलने वाली छूट या विदेश में रखी संपत्ति की पूरी जानकारी नहीं दी है. मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक, डेलॉइट इंडिया (Deloitte India) की पार्टनर आरती राओते के अनुसार, “आयकर विभाग ने कई बड़े अधिकारियों और ऊंचे वेतन वाले कर्मचारियों को नोटिस भेजे हैं, जहां उनकी कमाई या टैक्स कटौती के दावों में फर्क पाया गया है.” उनके मुताबिक, यह अंतर अक्सर गलत तरीके से टैक्स छूट मांगने, अपनी असली कमाई को कम दिखाने या विदेशी संपत्तियों का ब्यौरा न देने की वजह से आ रहा है.
विभाग कैसे पकड़ रहा है गलतियां?
आजकल विभाग की नजरें बहुत पैनी हैं, क्योंकि वह तकनीकी रूप से बहुत सक्षम हो गया है. क्लियरटैक्स (ClearTax) की विशेषज्ञ चांदनी आनंदा बताती हैं कि विभाग अब आपके एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) का इस्तेमाल कर रहा है. यह एक ऐसा डिजिटल खाता है, जिसमें बैंक और आपकी कंपनी की ओर से विभाग को आपकी हर बड़ी कमाई की जानकारी पहले ही मिल जाती है. अगर आपके द्वारा भरी गई जानकारी और विभाग के पास मौजूद आंकड़ों में मेल नहीं बैठता, तो तुरंत अलर्ट जारी हो जाता है.
शेयरों और HRA पर विशेष नजर
कई बार नौकरीपेशा लोग कुछ जरूरी जानकारियां देना भूल जाते हैं. सिंघानिया एंड कंपनी की पार्टनर रितिका नायर का कहना है कि कई बार कर्मचारियों को कंपनी से मिलने वाले शेयर (ESOP), विदेश से होने वाली कमाई या मकान किराए (HRA) और यात्रा भत्ते (LTA) के गलत दावों की वजह से भी ये नोटिस आ रहे हैं. अगर फॉर्म 26AS और आपकी फाइल में आंकड़ों का अंतर है, तो विभाग सवाल जरूर पूछेगा.
मैसेज मिलने पर आपको क्या करना चाहिए?
अगर आपको ऐसा कोई मैसेज मिलता है तो सबसे पहले यह देखें कि वह सिर्फ एक याद दिलाने वाला साधारण संदेश है या कोई कानूनी नोटिस. विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर मैसेज में डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) नहीं है, तो समझ लीजिए कि विभाग बस आपको अपनी फाइल दोबारा चेक करने के लिए कह रहा है. ऐसे में अगर आपकी जानकारी सही है, तो कुछ करने की जरूरत नहीं. लेकिन अगर आधिकारिक नोटिस मिला है तो आयकर विभाग की वेबसाइट के Authenticate Notice सेक्शन में जाकर जरूर चेक करें और समय पर उसका जवाब दें.
फर्जी ईमेल और ठगों से रहें सावधान
अब जब आप ये पूरी जानकारी ले ही चुके हैं तो जाते-जाते एक और जरूरी बात भी गांठ बांध लें. आयकर विभाग ने चेतावनी दी है कि ठगों द्वारा लोगों को फर्जी ईमेल भेजे जा रहे हैं. इनमें साल 2025-26 के नाम पर नकली ‘असेसमेंट ऑर्डर’ भेजे जा रहे हैं, और लोगों से किसी लिंक पर क्लिक करने या पैसे जमा करने को कहा जा रहा है. अधिकारियों ने साफ किया है कि विभाग ऐसे कोई लिंक नहीं भेजता. इसलिए किसी भी संदिग्ध ईमेल के झांसे में न आएं और हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें.
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