नेटवर्थ का असली फॉर्मूला-
आपकी असली नेटवर्थ वह राशि है जो आपकी कुल संपत्ति में से आपके कुल कर्ज को घटाने के बाद बचती है.
नेटवर्थ = एसेट्स (Assets) – लायबिलिटीज (Liabilities)
संपत्ति की गिनती में ‘ईमानदारी’ बरतें
वही चीजें जोड़ें जिन्हें आज बेचा जा सके. प्रॉपर्टी की कीमत वह न लगाएं जो आप भविष्य में चाहते हैं, बल्कि वह लगाएं जो आज बाजार में मिल सकती है. अपनी कार की कीमत शोरूम वाली नहीं, बल्कि ‘रीसेल वैल्यू’ लगाएं. भविष्य में मिलने वाले बोनस या वसीयत को इसमें न जोड़ें.
कर्ज को नजरअंदाज न करें
अक्सर लोग होम लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड के बिल को नेटवर्थ कैलकुलेट करते समय भूल जाते हैं. अगर आपके पास 1 करोड़ का घर है और उस पर 70 लाख का लोन है, तो आपकी नेटवर्थ में उस घर का योगदान केवल 30 लाख रुपये ही है.
लिक्विडिटी का ध्यान रखें
दो लोगों की नेटवर्थ बराबर हो सकती है, लेकिन उनकी फाइनेंशियल मजबूती अलग-अलग. एक व्यक्ति के पास जमीन ज्यादा हो सकती है (जिसे तुरंत बेचना मुश्किल है), जबकि दूसरे के पास कैश और शेयर ज्यादा हो सकते हैं. नेटवर्थ देखते समय यह जरूर देखें कि जरूरत पड़ने पर कितना पैसा तुरंत हाथ में आ सकता है.
नेटवर्थ नेगेटिव हो तो डरें नहीं
एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप 30 या 40 की उम्र में हैं और होम लोन की वजह से आपकी नेटवर्थ नेगेटिव है, तो यह कोई असफलता नहीं है. जरूरी यह है कि क्या हर साल आपकी नेटवर्थ बढ़ रही है? अगर कर्ज कम हो रहा है और निवेश बढ़ रहा है, तो आप सही दिशा में हैं.
नेटवर्थ किसी को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि खुद को सच बताने के लिए होती है. साल में एक बार अपनी नेटवर्थ जरूर कैलकुलेट करें. जब आप अपनी फाइनेंशियल कंडीशन को लेकर स्पष्ट होते हैं, तो बेहतर और साहसी फैसले लेना आसान हो जाता है.
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