रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी होना बहुत जरूरी है ताकि रोज का खर्च बिना किसी टेंशन के चलता रहे और जिंदगी आराम से बीते. भारत में कई भरोसेमंद योजनाएं हैं जो हर महीने तय रकम देने का अच्छा ऑप्शन देती हैं. ये योजनाएं सुरक्षित निवेश का रास्ता दिखाती हैं और बुजुर्गों की आर्थिक चिंता को काफी कम कर देती हैं. कुछ स्कीम्स पूरी तरह गारंटीड रिटर्न वाली होती हैं जैसे पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम या अटल पेंशन योजना, जहां पैसा जमा करने पर फिक्स्ड मंथली पैसे मिलते हैं और कोई रिस्क नहीं होता. वहीं, कुछ योजनाएं बाजार से जुड़ी होती हैं जैसे नेशनल पेंशन सिस्टम या म्यूचुअल फंड का सिस्टेमेटिक विदड्रॉल प्लान, जो लंबे समय में बेहतर रिटर्न दे सकती हैं लेकिन थोड़ा उतार-चढ़ाव का जोखिम भी रहता है.
इनमें कुछ स्कीम्स गारंटीड रिटर्न देती हैं, जबकि कुछ योजनाएं बाजार से जुड़ी होती हैं और बेहतर रिटर्न का मौका देती हैं. निवेशक अपनी जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता और लक्ष्य के अनुसार सही योजना चुन सकते हैं, ताकि रिटायरमेंट के बाद जीवन आरामदायक और आत्मनिर्भर बना रहे.
अटल पेंशन योजना
ये स्कीम उन लोगों के लिए है जो टैक्स नहीं भरते या कम इनकम वाले हैं. 18 से 40 साल की उम्र में योजना में नाम लिखवाकर 60 साल तक पैसे जमा करते हैं. 60 साल के बाद हर महीने 1000 से 5000 रुपये तक पेंशन मिलती है. ये फिक्स्ड पेंशन है, कोई रिस्क नहीं. अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कामगारों के लिए बहुत अच्छी है. सरकार इसे चलाती है इसलिए सुरक्षित है.
नेशनल पेंशन सिस्टम
एनपीएस एक सरकार की मार्केट लिंक्ड स्कीम है. 18 से 70 साल तक कोई भी जॉइन कर सकता है. 60 साल तक पैसे डालते हैं और रिटायरमेंट पर कुछ पैसा एक साथ निकाल सकते हैं. बाकी से एन्युटी खरीदकर मंथली पेंशन मिलती है. ये लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न दे सकती है लेकिन मार्केट के उतार-चढ़ाव से जुड़ी है. ज्यादा रिटर्न चाहने वाले लोग इसे पसंद करते हैं.
एसडब्ल्यूपी
ये म्यूचुअल फंड में पैसा लगाकर हर महीने फिक्स्ड अमाउंट निकालने का तरीका है. पहले एसआईपी से कॉर्पस बनाते हैं फिर रिटायरमेंट में एसडब्ल्यूपी शुरू करते हैं. मंथली, क्वार्टरली या सालाना निकाल सकते हैं. ये फ्लेक्सिबल है लेकिन जब तक यूनिट्स हैं तब तक चलती है. मार्केट अच्छा रहा तो ज्यादा निकाल सकते हैं लेकिन रिस्क भी है.
एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम
एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम यानी ईपीएस जो ईपीएफओ के तहत आती है. प्राइवेट जॉब वाले लोग जिनका ईपीएफ कटता है उनके लिए है. कम से कम 10 साल कंट्रीब्यूशन होने पर रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती है. अमाउंट सैलरी और सालों पर निर्भर करता है. ये सोशल सिक्योरिटी देती है और जॉब करने वालों के लिए जरूरी है.
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम
पीओएमआईएस एक सरकारी स्कीम है जिसमें पैसा जमा करके हर महीने इंटरेस्ट मिलता है. सिंगल अकाउंट में 9 लाख तक और जॉइंट में 15 लाख तक जमा कर सकते हैं. टेन्योर 5 साल का है. करंट रेट 7.4 प्रतिशत है. कैपिटल पूरी तरह सुरक्षित रहता है और इंटरेस्ट से मंथली कमाई होती है. बहुत से लोग इसे सबसे सुरक्षित मानते हैं क्योंकि कोई रिस्क नहीं.
ये स्कीम्स रिटायरमेंट के लिए अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से हैं. अगर सुरक्षित और फिक्स्ड इनकम चाहिए तो पीओएमआईएस या एपीवाई अच्छी हैं. ज्यादा रिटर्न के लिए एनपीएस या एसडब्ल्यूपी देख सकते हैं. ईपीएस जॉब वालों के लिए बेस्ट है. रिटायरमेंट प्लानिंग में जल्दी शुरू करना फायदेमंद होता है. ये स्कीम्स पैसों की टेंशन कम करती हैं और रिटायरमेंट के बाद आराम से जीने में मदद करती हैं.
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