शरीर को तरोताजा बनाए रखने और पसीने की बदबू को कम करने के लिए ज्यादातर लोग डियोड्रेंट्स-परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं। परफ्यूम आपको न सिर्फ अच्छी खुशबू देता है, बल्कि पर्सनालिटी को भी निखारता है। साथ ही इससे आत्मविश्वास भी बढ़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सेहत के लिए ठीक नहीं है। कई अध्ययन इस बात को लेकर अलर्ट करते हैं कि डियोड्रेंट्स-परफ्यूम में कुछ हानिकारक रसायन हो सकते हैं। जिससे आपकी सेहत को गंभीर खतरा होता है।
बताया जाता है कि डियोड्रेंट्स की खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए इसमें कुछ ऐसे रसायन मिलाए जाते हैं। जिससे स्किन संबंधी समस्याओं का खतरा होता है। वहीं इससे कैंसर के खतरे को लेकर भी सावधान किया गया है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक विशेष रूप से गले पर डियोड्रेंट्स या परफ्यूम्स को स्प्रे करना आपकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
इसे भी पढ़ें: Summer में चाय-कॉफी पीने की लत हो सकती है जानलेवा, ये बदलाव बचा सकते हैं आपकी जान
परफ्यूम में हानिकारक तत्व
इस तरह के उत्पादों में कम से कम 4000 तरह के रसायनों का उपयोग किया जाता है। लेकिन आप इसको परफ्यूम बॉटल पर अंकित नहीं पाएंगे। क्योंकि कंपनियां लोगों से इन्हें छिपाकर रखती हैं।
परफ्यूम में मस्क कीटोन, फ्थेलेट्स और फॉर्मलडिहाइड जैसे रसायनों को उपयोग में लाया जाता है। कई देशों ने फ्थेलेट्स के उपयोग को बैन कर रखा है।
इससे मस्तिष्क के विकास संबंधी दिक्कतों के साथ तंत्रिका तंत्र से संबंधित बीमारियां और एकाग्रता में परेशानी हो सकती है।
गले पर परफ्यूम लगाना नुकसानदायक
गले की त्वचा पतली और अधिक सोखने वाली होती है। इससे थैलेट्स जैसे रसायन आसानी से ब्लड के संपर्क में आ सकते हैं।
बार-बार इस्तेमाल से सूखापन, स्किन में जलन, पिग्मेंटेशन या एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।
परफ्यूम और डियोड्रेंट में मौजूद कई रसायनों को एंडोक्राइन डिसरप्टर्स भी माना जाता है। यह हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकता है।
थायरॉइड की समस्या
गर्दन की त्वचा पतली और ज्यादा वैस्कुलराइज्ड होती है। इससे परफ्यूम के रसायन ब्लड में तेजी से जा सकते हैं।
लंबे समय तक इन रसायनों के संपर्क में रहने से आपकी थायरॉइड ग्रंथि का कार्य प्रभावित हो सकता है।
शरीर में थायरॉइड हार्मोन मेटाबॉलिज्म से लेकर कई अहम कार्यों में मदद करते हैं। यही वजह है कि इससे सेहत को नुकसान हो सकता है।
कैंसर का जोखिम
कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि कुछ डियोड्रेंट्स में एल्यूमीनियम और पैराबिन्स जैसे यौगिक पाए गए हैं। ये यौगिक अवशोषित होकर त्वचा में गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। वहीं इससे हार्मोनल असंतुलन का भी खतरा हो सकता है।
शोधकर्ताओं की मानें, तो डियोड्रेंट में प्रयोग में लाए जाने वाले पैराबीन्स या एल्यूमीनियम यौगिकों कैंसर को कारक नहीं पाया गया है। लेकिन संवेदनशील स्किन और जोखिम कारक वाले लोगों में इनका लंबे समय तक इस्तेमाल गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इससे कैंसर को खतरे को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.