पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड में अपने कुछ खिलाड़ियों के फोन जमा कर लिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड किसी मामले की जांच कर रहा है।
भ्रष्टाचार विरोधी जांच के दौरान फोन होते हैं जब्त
365 न्यूज के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक जांच कर रहा है, हालांकि ये साफ नहीं है कि जांच किस मामले को लेकर की जा रही है। सिर्फ खास परिस्थितियों में ही किसी क्रिकेट बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को खिलाड़ी का मोबाइल फोन जब्त करने का अधिकार है। भ्रष्टाचार विरोधी जांच के दौरान खिलाड़ियों के फोन जब्त किए जा सकते हैं। लेकिन रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के किसी आरोप या ऐसी गतिविधियों की जांच का जिक्र नहीं है। नियम के मुताबकि खिलाड़ियों को मैच के दौरान स्मार्ट डिवाइसेस के इस्तेमाल को लेकर कड़े प्रतिबंध होते हैं। ड्रेसिंग रूम या डगआउट में प्रवेश से पहले सभी खिलाड़ी और कोच अपने निजी फोन और स्मार्ट डिवाइस जमा करा देते हैं, ये कदम स्टेडियम के बाहर से होने संपर्क को रोकने के लिए उठाए जाते हैं।
सूत्रों ने दावा किया कि पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ‘सफाई अभियान’ के लिए उत्सुक थे और अब चयन समिति में बदलाव किया जा सकता है। बोर्ड द्वारा पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और चयनकर्ता आकिब जावेद को राष्ट्रीय चयन समिति से हटाए जाने की संभावना है। एक विश्वसनीय सूत्र ने पीटीआई को बताया, ”आकिब को संभवतः लाहौर स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में विकास निदेशक के रूप में अपनी भूमिका पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा जाएगा।”लपीसीबी के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार एक अन्य चयनकर्ता पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने पहले ही पद छोड़ने की पेशकश कर दी है। सूत्र ने बताया, ”इंग्लैंड दौरे के बाद एक नई चयन समिति की घोषणा की जा सकती है।”
हेसन को मिली जिम्मेदारी
पहले टेस्ट में पाकिस्तान को पारी से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद दूसरे टेस्ट में उसे 194 रन से करारी हार मिली। इसके बाद सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया और मुख्य कोच सरफराज अहमद को बर्खास्त कर दिया गया। पाकिस्तान की सीमित ओवरों की टीम के मुख्य कोच हेसन को इसके बाद नौ सितंबर से बर्मिंघम में शुरू होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट के लिए मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाने के लिए कहा गया।
हेसन ने बर्मिंघम में एक मीडिया कॉन्फ्रेंस में कहा, ”जब उन्होंने (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) मुझे अंतिम टेस्ट मैच के लिए जिम्मेदारी सौंपी तो इन तीनों खिलाड़ियों (रिजवान, आगा और इमाम) को पहले ही टीम से बाहर कर दिया गया था। इसलिए वास्तव में मुझे कुछ भी पता नहीं है कि असल में क्या हुआ था।”
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