दरअसल, Paytm पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) पिछले कई सालों से RBI की निगरानी में था। मार्च 2022 में RBI ने बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था, क्योंकि उसके सिस्टम और नियमों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई थीं। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2024 में भी RBI ने बैंक पर कई प्रतिबंध लगाए थे। इनमें नए डिपॉजिट लेने, खातों में पैसे जमा करने और वॉलेट टॉप-अप जैसी सेवाओं पर रोक शामिल थी।
लगातार नियमों के उल्लंघन के बाद RBI ने आखिरकार अप्रैल 2026 में बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया। अब हाईकोर्ट के आदेश के साथ Paytm पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) को औपचारिक रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
हालांकि, यह कार्रवाई Paytm की मूल फिनटेक कंपनी पर नहीं, बल्कि Paytm पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) पर लागू होती है, यानी Paytm ऐप के कई अन्य डिजिटल सेवाएं और बिजनेस अलग यूनिट के जरिए चलते हैं। बैंक की विंडिंग-अप प्रक्रिया के दौरान ग्राहकों से जुड़े मामलों का निपटारा कानून के अनुसार किया जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पेटीएम वैलेट, UPI और QR Code जैसी सेवाएं बंद हो जाएंगी? इसका जवाब है नहीं। Paytm पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) के बंद होने का असर Paytm ऐप की सभी सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। Paytm पहले ही अपनी UPI और पेमेंट सेवाओं को Yes Bank समेत अन्य पार्टनर बैंकों के साथ जोड़ चुका है। ऐसे में ग्राहक पहले की तरह UPI पेमेंट, QR Code स्कैन, Soundbox और मर्चेंट पेमेंट्स जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।
अगर आपके पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) खाते या वैलेट (Wallet) में अभी भी पैसा मौजूद है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। रिजर्व बैंक पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि बैंक के पास जमाकर्ताओं का पैसा लौटाने के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध है। अब हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त ऑफिशियल लिक्विडेटर बैंक की संपत्तियों और देनदारियों का निपटारा करेगा और ग्राहकों को पैसा वापस करने की प्रक्रिया भी उसी के निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर गिरिकुमार एम. नायर को Paytm पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) का आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया है। कोर्ट के आदेश के बाद बैंक के बोर्ड के सभी अधिकार अब लिक्विडेटर के पास चले गए हैं और वही बैंक की परिसंपत्तियों, देनदारियों और ग्राहकों के दावों से जुड़े सभी फैसले लेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम का असर One97 कम्यूनिकेशन (Paytm की पैरेंट कंपनी) के मुख्य कारोबार पर नहीं पड़ेगा। Paytm का पेमेंट गेटवे, UPI, QR, साउंडबॉक्स, मर्चेंट सर्विसेस (Merchant Services) और पेटीएम मनी (Paytm Money) जैसी सेवाएं अलग-अलग संस्थाओं और बैंकिंग पार्टनर्स के माध्यम से संचालित होती हैं। इसलिए सामान्य ग्राहकों के लिए पेटीएम (Paytm) ऐप का इस्तेमाल पहले की तरह जारी रहेगा और उन्हें रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
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